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झमाझम बरसे बदरा, उमस और तपिश से मिली राहत

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बारिश्ा का मजा लेतीं युवतियां - फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। रविवार को पूरे दिन उमस और गर्मी से बेहाल रहने के बाद शाम को झमाझम बरसे बदरा ने राहत दी। आंधी के साथ ओलावृष्टि भी हुई। आंधी के कारण आम और लीची की फसल को नुकसान हुआ। एक घंटे की झमाझम बारिश से शहर में कई जगह-जगह जलभराव हो गया।
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रविवार को सुबह से सूर्यदेव की तपिश बेहाल कर रही थी। हवा न चलने के कारण उमस भी अधिक थी। लोग दोपहर में मुंह पर कपड़ा बांधकर चल रहे थे। अवकाश होने के बावजूद सड़क और बाजार में सन्नाटा था। पेड़ के नीचे छांव में भी खड़े होने के बाद पसीना नहीं रुक रहा था। अधिकतम तापमान 36.5 और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य तो न्यूनतम तापमान सामान्य से छह डिग्री अधिक था।

देर शाम मौसम ने अचानक करवट बदली और आंधी के साथ ही बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान ही ओलावृष्टि भी जमकर हुई। आंधी के कारण आम और लीची की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि आर्द्रता 50 प्रतिशत होने के कारण ही उमस अधिक थी। बताया कि देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में 24 घंटे के भीतर 70 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान आ सकता है और ओलावृष्टि हो सकती है। जबकि राज्य में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सिंह ने बताया कि ओलावृष्टि और आंधी के बाद तापमान में गिरावट आएगी।
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गौला का जलस्तर 58 क्यूसेक पर पहुंचा
हल्द्वानी। बारिश न होने के कारण गौला का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। रविवार को गौला का जलस्तर 58 क्यूसेक पहुंच गया। हालांकि देर शाम हुई झमाझम बारिश से गौला का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
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आंधी के साथ हुई ओलावृष्टि, मौसम विभाग ने जारी किया था अलर्ट
आंधी से आम और लीची की फसल को हुआ नुकसान
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