हल्द्वानी। जलसंस्थान की पेयजल लाइनों में लीकेज अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। कुल्यालपुरा में लाइन एक और जय दुर्गा कालोनी के करीब 60 से 70 परिवार दो हफ्तों से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इलाके में कई लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। पार्षद रवि वाल्मीकि की शिकायत के बाद इस मामले में जल संस्थान के अधिकारियों की नींद टूटी। मंगलवार दोपहर ईई विशाल कुमार, एई चंदन देवड़ी, जेई रवित शाह प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे।
जलसंस्थान कर्मियों ने लाइन एक से गुजर रही सीवर की लाइन की जांच की। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से पेयजल लाइन से आने वाले पानी का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है। जलसंस्थान ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पानी का टैंकर सड़क पर खड़ा कर दिया है, जहां से स्थानीय लोग पानी ढोने को मजबूर हैं। वार्ड छह के पार्षद रवि वाल्मीकि ने कहा कि सीवर मिला गंदा पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। जल्द ही जलसंस्थान ने अमृत योजना के तहत डाली गई पेयजल लाइन से कनेक्शन नहीं दिया तो क्षेत्रवासी आंदोलन करेंगे।
दूषित पानी ने लोगों को बीमार कर दिया
पार्षद ने उठाया मुद्दा तब जागा जल संस्थान, अधिशासी अभियंता टीम के साथ जांच को पहुंचे
कुल्यालपुरा की पेयजल लाइन में सीवर युक्त पानी का मामला
अफसर बोले
- कुल्यालपुरा में लाइन एक में पेयजल लाइन की जांच की है। प्लास्टिक की लाइन होने की वजह से लीकेज होने की आशंका है। कालोनी में अमृत योजना के तहत जल निगम की लाइन बिछाई गई है। जल निगम को इस नई लाइन से पेयजल कनेक्शन देने के को कहा है। जब तक नए कनेक्शन नहीं होते, लोगों को टैंकर से पानी बांटा जाएगा।
- विशाल कुमार, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान
लोगों की पीड़ा
15 दिनों से पेयजल लाइन में सीवर का पानी आ रहा है जिसके चलते परिवार के सदस्य उल्टी, दस्त का शिकार हो रहे हैं। जल संस्थान सिर्फ बिल लेने तक ही सीमित है, लोगों को कैसा पानी मिल रहा है, इसकी उन्हें कोई परवाह नहीं है।
- हेमा देवी
शुरूआत में पता ही नहीं चला कि पेयजल लाइन में सीवर का पानी मिला हो सकता है। जिस वजह से पानी का सेवन किया। पिछले कई दिनों से उल्टी, दस्त की दिक्कत बनी हुई है। जलसंस्थान को लोगों को साफ पानी देने की व्यवस्था करनी चाहिए।
रेनू देवी
सीवर मिला पानी पीने से बड़ों के साथ ही छोटे बच्चे भी बीमार हो रहे हैं। लोग मरें या जीयें , जलसंस्थान को कोई फिक्र नहीं है। जिसके कारण खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं।
- सुनीता देवी, स्थानीय निवासी