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आवक में मामूली अंतर, फिर भी सब्जी के दाम काबू में

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हल्द्वानी। ट्रकों की हड़ताल के बाद भी फिलहाल सब्जियों के दाम काबू में है। मैदानी जिलों से आने वाली सब्जियों में तेजी जरूर आई है, पर पर्वतीय जिलों से आने वाले सब्जियों की भरपूर उपलब्धता बनी हुई है। इसके कारण भी दामों में उछाल नहीं आया है। वहीं, नवीन मंडी में उत्पाद लाने वाले ट्रकों की संख्या में मामूली कमी आई है।
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हल्द्वानी की नवीन मंडी में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, यूपी से ट्रकों से सब्जियां आती हैं। मंडी में रोजाना 200 से 250 ट्रक आते हैं। इधर 20 जुलाई से ट्रक वालों की देशव्यापी हड़ताल है। इस हड़ताल का असर मंडी पर भी माना जा रहा था। शनिवार को मंडी बंद होने से एक दिन के लिए सब्जी की कीमतों में कुछ जगहों पर 10 से 15 रुपये का उछाल आया था। रविवार को फिर से मंडी में ट्रकों की आमद हो रही है। हां यह जरूर है कि आवक में मामूली कमी आई है। इसकी वजह से मैदानी जिलों से आने वाली सब्जियों लौकी, तुरई, आलू, प्याज में मामूली उछाल आया है। वहीं पर्वतीय जिलों से भी सब्जियों की भरपूर आमद हो रही है, इसकी वजह से फिलहाल दामों में बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी है। हल्द्वानी की फुटकर मंडी में सब्जियों की कीमतें सामान्य है।

मंगल पड़ाव सब्जी मंडी के फुटकर रेट की सूची
सब्जी दाम (प्रति किलो)
टमाटर 30
प्याज 20-25
लौकी 10
खीरा 15
तुरई 15-20
आलू 20-25
कद्दू 15-20
लहसुन 60
भिंडी 30



राहुल-मोदी के भाषण पर चर्चा कर दिन काट रहे हैं ट्रांसपोर्टर

200 के करीब बड़े छोटे ट्रांसपोर्ट टीपी नगर में
हल्द्वानी। ट्रकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर बाजार में दिखाई न दे लेकिन ट्रांसपोर्टरों पर साफ दिखाई दे रहा है। ट्रांसपोर्टर नगर में ट्रांसपोर्टर संसद में कांग्रेस के राहुल गांधी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुए घटनाक्रम पर चर्चा कर समय काट रहे हैं। 20 जुलाई से आल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर है।
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ट्रांसपोर्ट तो खोल रहे हैं लेकिन काम नहीं कर रहे हैं। समय बिताने के लिए ट्रांसपोर्टर मिलकर बातचीत करते हैं।
-राजकुमार नेगी, अध्यक्ष देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल यातायात नगर

ट्रांसपोर्ट तो खोलना है लेकिन बुकिंग ले नहीं सकते। अब बातें करके ही दिन बिताना पड़ रहा है। दिल्ली से फैसला आने के बाद ही कुछ तय हो पायेगा।
-प्रदीप सब्बरवाल, ट्रांसपोर्ट नगर व्यापारी एसोसिएशन

ये हैं ट्रांसपोर्टरों की मांगें
टोल टैक्स का खात्मा, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में हर साल मनमाने ढंग से हो रही वृद्धि पर रोक, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, वाहनों से सरिया, पाइप बाहर निकलने की रोक होने पर वैकल्पिक इंतजाम, स्थानीय वाहनों से पर्वतीय जिलों में जाने पर लिया जाने शुल्क हो समाप्त

नैनीताल के 18 हजार ट्रक हैं हड़ताल में शामिल
जिले के 18 हजार ट्रकों के पहिये थमे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत पर्वतीय जिलों में है वहां सीमेंट, सरिया, गार्डर वगैरह नहीं जाने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इधर जरूरी वस्तुओं को ट्रकों से भेजा जा रहा है।

छोटा हाथी बना विकल्प
ट्रकों की हड़ताल के बाद छोटी हाथी माल ढोने का विकल्प बन गया है। कारोबारी छोटा हाथी से माल को 30-40 किमी की दूरी तक भेज रहे हैं। हड़ताल से छोटा हाथी वाहन वालों की मौज हो गई है। वहीं इक्का दुक्का ट्रक भी माल लेकर निकल रहे हैं।
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