हल्द्वानी। दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल की शोभा में उत्तराखंड की चंपा (वनस्पति) चार चांद लगाएगी। ताजमहल, यमुना नदी की परिधि में उत्तराखंड के फूलों, खुशबूदार प्रजाति की कई वनस्पतियों को रोपा जाएगा।
वन अनुसंधान केंद्र (एफआरसी) के मुताबिक ताजमहल के बगल से बहने वाली यमुना नदी की परिधि में एक निजी संस्थान की ओर से स्वच्छता अभियान और जैव विविधता संवर्द्धन के लिए विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के हजारों पौधे रोपे जा रहे हैं। इसी क्रम में हल्द्वानी से भी ढाई हजार पौधे आगरा भेजे जाएंगे। इनमें फूल, खुशबूदार प्रजाति की सैकड़ों वनस्पतियां चंपा, कुसुम आदि शामिल हैं। दिखने में बेहद खूबसूरत ये पौधे ताजमहल की शोभा बढ़ाने के साथ जैव विविधता बढ़ाने में भी मददगार होंगे। एफआरसी की नर्सरी प्रभारी मदन सिंह बिष्ट के अनुसार इन वनस्पतियों की सूची तैयार हो गई है। जल्द ही भुगतान मिलने के बाद पौधे आगरा भेज दिए जाएंगे।
चंपा के फायदे
चंपा का वनस्पति नाम मैगनोलिया चंपाका है। यह पीले, सफेद रंग का बेहद सुंदर, खुशबूदार फूल होता है। इसका पौधा सागौन का विकल्प भी होता है। इसकी लकड़ी बेहद मजबूत होती है। वहीं इसकी पत्तियां मिट्टी में घुल जाती हैं। दूसरे प्रजातियों के पनपने की भी संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
ये वनस्पतियां भेजी जाएंगी आगरा
चंपा, पनियाला, कुसुम, मैनफल, बेड़ू, तुगला, कुंभी, हरड़, खैर, कसिया जेवानिका, कदंब, पूला, सर्पदंभी, शमी, चमरोड़, कुटज, काला तेंदुए वरना, कंजी, सर्पगंधा, अर्जुन, महुआ, बीजासाल।
यहां जा चुके हैं उत्तराखंड के पौधे
यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क दिल्ली, कमला नेहरू रिट्ज दिल्ली, अरावली हिल्स वसंत विहार दिल्ली, महाकाल मंदिर उज्जैन मप्र, पंजाब, हरियाणा