हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर पर मारपीट करने और नशे में धुत होने के आरोपों के मामले में प्राचार्य ने सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने का कहा है। आरोप लगाने वाले पीजीजेआर और उसके एक साथी को एसोसिएट प्रोफेसर की यूनिट से हटा दिया गया है।
सर्जरी विभाग में पीजी जेआर प्रथम वर्ष के छात्र ने अपने ही एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव सिंह पर मारपीट करने, शराब के नशे में धुत होने और पीजी न करने देने की धमकी देने का आरोप लगाया था। राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि आरोप लगाने वाले पीजीजेआर के एक साथी विकास ने आरोपों की पुष्टि की है। जबकि कुछ लोगों ने घटना की जानकारी न होने तो कुछ ने कमरे से आवाज सुनाई देने की बात कही है। पीजीजेआर के माता-पिता ने भी एसोसिएट प्रोफेसर की यूनिट से हटाने का अनुरोध किया था। बताया कि दो डाक्टरों ने बयान दिया है कि एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव सिंह नशे में नहीं थे।