रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट नेशनल पार्क के झिरना रेंज में हमलावर हुए हाथी के मामले में सीटीआर निदेशक ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच में हाथी के हमलावर होने के कारण का पता लगाया जाएगा। हाथी के हमलावर होने में जिप्सी चालकों और पर्यटकों की भूमिका की जांच की जाएगी।
शनिवार शाम की पाली में झिरना रेंज के कोठारी रोड पर ग्रासलैंड में जिप्सी पर बैठे पर्यटकों पर हाथी ने अचानक हमला कर दिया। हाथी ने जिप्सी को पलटने का भी प्रयास किया, शोर होने के बाद वह चला गया। इस पर पर्यटकों ने राहत की सांस ली। हाथी की ओर से पर्यटकों पर हमला करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। लोगों का कहना है कि जिप्सी चालक नियम तोड़कर जिप्सियों को हाथी या बाघों के बिल्कुल करीब ले आते हैं। इस पर पार्क प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। वहीं एक माह पहले भी झिरना रेंज में ही एक हाथी सीटीआर के निदेशक की गाड़ी के पीछे दौड़ा था, तब किसी तरह वन कर्मियों ने उसे जंगल की ओर भेजा था।
वन कर्मियों के अनुसार झिरना रेंज में हाथियों के हमलावर होने की घटनाएं काफी बढ़ रही हैं। कभी हाथी सड़क पर आ जाते हैं तो कभी हमला करने लगते हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस ओर गश्त बढ़ाई जा रही है। वहीं, हाथी के हमलावर होने का वीडियो वायरल होने पर सीटीआर के अधिकारी हरकत में आए।
सीटीआर के निदेशक राहुल ने बताया कि इस मामले की जांच की जाएगी। पता लगाया जाएगा कि चालक जिप्सी को हाथी के कितने पास ले गया था। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि पर्यटकों की ओर से कोई ऐसी हरकत तो नहीं की गई, जिससे हाथी हमलावर हुआ था।