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ईवीएम से नहीं होगा एमबीपीजी कालेज में छात्रसंघ चुनाव, निदेशक को भेजी चिठ्ठी

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Congress on EVM
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हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े महाविद्यालय एमबीपीजी कॉलेज में इस बार छात्रसंघ चुनाव ईवीएम से कराने की उच्चशिक्षामंत्री डा. धनसिंह रावत की घोषणा धरी रह गई। राज्य निर्वाचन आयोग ने 200 रुपये की दर से प्रतिदिन प्रति ईवीएम किराया मांगा गया है। इस कारण ईवीएम से चुनाव कराने छह लाख से अधिक का खर्चा आने पर एमबीपीजी कॉलेज प्रशासन ईवीएम से कराने को तैयार नहीं है। कॉलेज ने छात्रसंघ चुनाव बैलेट पत्र से पूर्व की भांति कराने के संबंध में उच्चशिक्षा निदेशक को पत्र भेज दिया है। कॉलेज प्रशासन के तर्कों से उच्चशिक्षा निदेशालय भी सहमत हो गया है।
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एमबीपीजी कॉलेज में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे प्राचार्य डा. रेखा पांडे के कक्ष में प्रशासन और निर्वाचन समिति की छात्रसंघ चुनाव को लेकर बैठक हुई। बैठक में एसडीएम एपी बाजपेयी ने अवगत कराया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने छात्रसंघ चुनाव के लिए ईवीएम उपलब्ध कराने के लिए कई शर्तें लगाईं हैं। साथ ही ईवीएम का किराया अग्रिम देना होगा। निर्वाचन आयोगके सचिव रोशन लाल का यह पत्र डीएम नैनीताल को भेजा गया है। बैठक में निर्वाचन समिति ने ईवीएम का किराया जोड़ा गया तो छह लाख से अधिक का खर्चा निकला। इसी बीच यह भी पता चला कि ईवीएम के लिए जो बैटरी इस्तेमाल होंगी, उनकी खरीद भी हैदराबाद से महाविद्यालय को ही करनी होगी। इसके बाद छात्रसंघ चुनाव ईवीएम से कराने का इरादा छोड़ दिया गया। प्राचार्य डा. रेखा पांडे ने बताया कि प्रभारी निदेशक उच्चशिक्षा डा. जगदीश चंद्र घिल्डियाल को पत्र भेजा गया है कि कॉलेज की छात्रसंघ चुनाव में छात्र संख्या दस हजार से कम रहेगी, इस आधार पर बैलेट पत्र से पूर्व की भांति चुनाव कराने की अनुमति प्रदान की जाए। वहीं, प्रभारी निदेशक डा. घिल्डियाल ने बताया कि कालेज प्रशासन की दिक्कतों को देखते हुए एमबीपीजी में छात्रसंघ चुनाव बैलेट पत्र से कराने की अनुमति दे दी गई है।

छह लाख से अधिक खर्च होने पर कालेज प्रशासन ने खड़े किए हाथ
उच्चशिक्षा निदेशक को भेजी चिट्ठी, बैलेट पत्र से ही चुनाव कराने की मांगी अनुमति

तकनीकी प्रशिक्षण अधिकारी ने बताई दिक्कतें
हल्द्वानी। तकनीकी प्रशिक्षण की जानकारी देने के लिए आईटीआई से पहुंचे अधिकारी आरसी जोशी ने बताया कि नियमों के तहत ईवीएम का प्रशिक्षण देने के साथ ही कम से कम चार दिन ईवीएम संचालित करने के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करना अनिवार्य होगा, अन्यथा कोई भी चुनाव को कोर्ट में चैलेंज कर सकता है। प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर के अलावा पर्यवेक्षक की व्यवस्था करने आदि के बारे में बताया।
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प्रशासन ने भी मानीं कई अड़चनें
हल्द्वानी। एमबी में बैठक के उपरांत डीएम कैंप आफिस में बैठक हुई। इसमें एसडीएम एपी बाजपेयी और कालेज के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. डीसी पंत ने पूरी स्थिति से डीएम विनोद कुमार सुमन को अवगत कराया। डीएम ने भी यह माना कि अगर किसी ने चुनाव को लेकर कोर्ट में याचिका दायर कर दी और एक साल तक मामला निस्तारित नहीं हुआ तो ईवीएम का किराया चुकाने में ही महाविद्यालय संकट में फंस जाएगा। प्रशासन ने भी ईवीएम से चुनाव कराना ठीक नहीं माना।
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