हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में मीमांशा आर्य के गलत दाखिले के मामले में उच्चशिक्षा निदेशक और दो प्राचार्यों समेत चार लोगों के निलंबन का प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। देवीधुरा के प्राचार्य डॉ. आनंद सिंह उनियाल को निलंबन आदेश पर हाइकोर्ट से स्थगन आदेश मिलने के उपरांत अब अन्य लोगों के भी जल्द ही हाइकोर्ट की शरण लेने की चर्चा है। एमबी कॉलेज हो या फिर महिला महाविद्यालय सभी जगह शनिवार को प्रकरण चर्चा का विषय बना था।
एमबी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई से अध्यक्ष पद की प्रत्याशी रही मीमांशा के गलत दाखिले के मामले में 31 जनवरी को उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मेलकानी, प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद, देवीधुरा के प्राचार्य डॉ. आनंद, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. एनके लोहनी को शासन ने निलंबित कर दिया था। शासन से आरोपपत्र मिलने पर अप्रैल में ही चारों अधिकारियों ने अपना जवाब भी दे दिया था, इसके बावजूद शासन मामले में चुप है। शासन ने जांच अधिकारी प्रभारी सचिव उच्चशिक्षा अशोक कुमार को नामित किया। निलंबित चल रहे एमबी के प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद का कहना है कि शासन ने जल्द बहाल करने का आश्वासन दिया था। इस लिए कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाया। अगर जल्द ही कुछ नहीं हुआ, तो वह भी कदम उठाने को बाध्य होंगे। इसी प्रकरण में निलंबित उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. मेलकानी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. लोहनी को भी शासन से जल्द बहाली होने की उम्मीद है।