हल्द्वानी। स्वामीनाथन आयोग की संस्तुतियों को लागू करने की मांग को लेकर देश के आठ राज्यों के किसान आंदोलन कर रहे हैं लेकिन फिलहाल स्थानीय मंडी, ट्रांसपोर्ट कारोबार पर इसका असर नाकाफी है लेकिन कुछ कारोबारियों का मानना है कि किसानों के हड़ताल के चलते स्थानीय किसानों को सब्जियों, फलों का वाजिब मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसानों की देशव्यापी हड़ताल से स्थानीय किसान प्रभावित हुए हैं।
शनिवार को नवीन मंडी बंद रहती है। यहां से फल, सब्जी समेत ट्रांसपोर्ट का अन्य सामान लेने यहां से सैकड़ों गाड़ियां पंजाब, हरियाणा समेत देश के विभिन्न राज्यों में गई हुई थीं। आशंका जताई जा रही थी कि आठ राज्यों के किसानों के हड़ताल के चलते तमाम वाहन बाहरी राज्यों में फंस सकते हैं। रविवार को मंडी का कारोबार प्रभावित हो सकता है। मगर रविवार को भी आम दिनों की तरह यहां फल, सब्जी, अनाज समेत ट्रांसपोर्ट का तमाम सामान लेकर विभिन्न राज्यों में गई हुई 250 गाड़ियां यहां पहुंची। रविवार को मंडी पूरी तरह गुलजार रही। अन्य राज्यों के किसानों की हड़ताल का यहां मंडी के कारोबार पर कोई असर नहीं देखा गया। मंडी कारोबारी देवानंद सिंधी ने कहा कि अन्य राज्यों के किसानों की हड़ताल में रविवार को मंडी के कारोबार पर कोई असर नहीं दिखा। ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजकुमार नेगी ने कहा कि ट्रांसपोर्ट कारोबार पर भी हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ा है। आलू-फल आढ़ती व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष जीवन कार्की ने कहा कि बाहरी राज्यों के किसानों के हड़ताल का असर स्थानीय किसानों, व्यापारियों पर भी पड़ा है। पंजाब, हरियाणा से माल नहीं आ पा रहा है। यहां से खुबानी, पुलम, आड़ू नहीं जा रहा है। इससे किसानों को मंडी में उत्पाद का वाजिब मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने किसानों कहा कि किसान आंदोलन से अपना ही नुकसान कर रहे हैं। उन्हें मांगों को मनवाने के लिए अपना नुकसान नहीं करना चाहिए। कनिष्ठ उपाध्यक्ष सज्जाद अली ने भी कहा कि हड़ताल का असर स्थानीय किसानों की उपज पर पड़ रहा है।
आठ राज्यों के किसानों के आंदोलन का फिलहाल मंडी पर असर नहीं
फिलहाल पहले की तरह चल रहा ट्रांसपोर्ट कारोबार
उत्पादों का वाजिब मूल्य मिलने को लेकर किसानों को संदेह
शनिवार रात मंडी में 250 वाहनों की आमद हुई। इस समय पहाड़ के उत्पाद बाहरी राज्यों को जा रहे हैं। पहाड़ से प्याज के अलावा आड़ू, खुबानी, पुलम आदि बाहरी राज्यों को भेजा जा रहा है। स्थानीय मंडी में भी पहाड़ के उत्पाद भरपूर आ रहे हैं। देश आठ राज्यों के किसानों की हड़ताल का यहां की मंडी में कोई असर नहीं पड़ा है।
- विश्वविजय सिंह, सचिव मंडी परिषद।