हल्द्वानी। राज्य सरकार ने बजट में भले ही प्रत्येक जिले में ट्रॉमा सेंटर खोलने की बात कही हो मगर कुमाऊं के सबसे बड़े सुशीला तिवारी अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर को लेकर सरकार ने इस बार मायूस ही किया है।
एसटीएच में वर्ष 2014-15 में ट्रॉमा सेंटर परियोजना को केंद्र सरकार ने स्वीकृति दी थी। 10.50 करोड़ रुपये की योजना में छह करोड़ रुपये से उपकरण की खरीद होनी थी, डेढ़ करोड़ रुपये से निर्माण कार्य, तीन करोड़ रुपये तीन वर्ष तक कर्मियों के वेतन के लिए प्रावधान है। केंद्र सरकार ने योजना के लिए 1.22 करोड़ रुपये स्वीकृत भी कर दिए हैं। ट्रॉमा सेंटर के लिए 122 कर्मियों की भी नियुक्ति होनी है। तीन वर्ष बाद कर्मियों के वेतन का खर्च राज्य सरकार को वहन करना होगा। वन विभाग का पेच न हटने के कारण टीबी एवं श्वास रोग विभाग के पीछे कैज्युअल्टी अपग्रेड ट्रॉमा सेंटर बनाने को अमली जामा पहनाया गया। योजना धरातल पर नहीं उतरी है और तीन वर्षों में ट्रॉमा सेंटर के लिए तीन ईंट भी नहीं लग पाई है। चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि अभी पद सृजित होने हैं। शासन से अनुमति मिलनी है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा और फिर एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे।
जिले में 940 आशाओं, 161 एएनएम को लाभ मिलेगा
हल्द्वानी। आशाओं, एएनएम के लिए राज्य सरकार के बजट में अच्छी खबर आई है। सभी आशाओं, एएनएम को दुर्घटना बीमा के तहत लाया जाएगा। जिले में करीब 940 आशा कार्यकर्ता, 161 एएनएम कार्यरत हैं। टीकाकरण से लेकर पल्स पोलिया अभियान तक की जिम्मेदारी इन पर होती है। ब्लॉक स्तर से लेकर जिला अस्पताल तक काम करने वाली आशाओं, एएनएम के लिए राज्य सरकार ने बजट में इनका भी ध्यान रखा है। आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम को सुरक्षा बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा।