हल्द्वानी। बीएससी तृतीय सेमेस्टर की केमिस्ट्री विषय का द्वितीय प्रश्नपत्र सिर्फ अंग्रेजी में आने मामले की जांच शुरू हो गई है। कुमाऊं विश्वविद्यालय की प्रारंभिक जांच पड़ताल में इस पेपर की खामी में भी पेपर सैटर्स द्वारा लापरवाही सामने आ रही है। इधर, विश्वविद्यालय की ओर से सभी महाविद्यालयों से इस बारे में भी जानकारी मांगी गई है कि सिर्फ अंग्रेजी में पेपर आने से हिंदी माध्यम के कितने परीक्षार्थियों की परीक्षा छूटी है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाओं के अंतर्गत बुधवार को एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों की केमिस्ट्री के द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा थी जिसमें पेपर सिर्फ अंग्रेजी में आने से हिंदी माध्यम के सैकड़ों परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गई थी। यह मामला उच्चशिक्षा मंत्री तक भी पहुंचने पर कुमाऊं विश्वविद्यालय हरकत में आया था। इस संबंध में कुमाऊं विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. वाई एस रावत ने बताया कि केमिस्ट्री के पेपर में इस तरह की खामी की जांच करने के लिए कमेटी कुलपति के स्तर से गठित की जाएगी।
बृहस्पतिवार को प्रारंभिक जांच में इतना मालूम चला है कि पेपर सैटर्स द्वारा ही पेपर को सिर्फ अंग्रेजी माध्यम में तैयार किया गया तथा हिंदी माध्यम को छोड़ दिया गया। अगर इस खामी को विषय के संयोजक द्वारा पहले ही पकड़ लिया जाता तो परीक्षार्थियों को परेशानी नहीं होती। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि इस मामले में जिस स्तर पर भी लापरवाही पाई जाएगी, संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस प्रश्नपत्र की परीक्षा दोबारा कराने पर अभी फैसला नहीं हुआ है।