अल्मोड़ा। 2018 में होने जा रहे राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत राष्ट्रीय बैडमिंटन स्पर्धा अल्मोड़ा में होनी है लेकिन इस स्तर का स्टेडियम बनाने की सरकार की घोषणा दो कदम आगे नहीं बढ़ सकी है। इसके लिए करीब तीन महीने पहले 17.54 करोड़ रुपये की डीपीआर शासन को भेजी गई थी लेकिन शासन ने इतनी रकम देने में असमर्थता जता दी है। अब शासन ने ऐसी जगह तलाशने को कहा है जिसमें स्टेडियम बनाने में लागत कम आए और स्टेडियम भी समय से तैयार हो जाए। अल्मोड़ा स्टेडियम में ही स्थित दो पुराने बैडमिंटन कोर्ट को हटाकर वहां चार नए कोर्ट बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
अगले साल नवंबर-दिसंबर में होने वाले राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखंड को मिली है। सरकार ने राष्ट्रीय बैडमिंटन स्पर्धा अल्मोड़ा में कराने का फैसला किया है। निकटवर्ती द्योलीडाना में बैडमिंटन स्टेडियम बनाने के लिए करीब तीन एकड़ भूमि चिन्हित करके इसे हाल ही में खेल विभाग के नाम स्थानांतरित कर दिया गया है। तीन माह पहले खेल विभाग ने द्योलीडाना में राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन स्पर्धा के लिए छह कोर्ट और दर्शक दीर्घा के निर्माण और मुख्य मार्ग से द्योलीडाना तक डेढ़ किमी. सड़क बनाने के लिए कुल 17.54 करोड़ लागत की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी, इसे शासन से मंजूरी नहीं मिली है। डीपीआर बनाने में 36 लाख से अधिक खर्च हो चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि शासन छह कोर्ट वाले बैडमिंटन स्टेडियम में 17 करोड़ खर्च नहीं करना चाहता। इसलिए इसके लिए अन्य विकल्प तलाशने का काम शुरू हो गया है।
रविवार को देहरादून से खेल विभाग के अपर निदेशक प्रशांत आर्या ने अल्मोड़ा पहुंचकर द्योलीडाना के साथ ही अन्य विकल्पों के लिए खेल विभाग के अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। अधिकारियों का मानना है कि बजट मंजूर हो भी जाए तो एक साल के भीतर सड़क और स्टेडियम का निर्माण आसान नहीं होगा।
अपर निदेशक प्रशांत आर्या ने बताया कि द्योलीडाना में छह कोर्ट बनाने में लागत काफी अधिक आ रही है। देहरादून में 12 कोर्ट बनाने में करीब 14 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं लेकिन अल्मोड़ा में छह कोर्ट के निर्माण में 17.54 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इसलिए अन्य विकल्पों को भी तलाशा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा खेल स्टेडियम में बने दो पुराने बैडमिंटन कोर्ट को तोड़कर वहां चार कोर्ट बनाए जा सकते हैं। इसके लिए शीघ्र ही आर्किटेक्ट अल्मोड़ा आकर सर्वे करेंगे। अगर उपयुक्त हुआ तो इस प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी।