हल्द्वानी। लाखों रुपये के खेल मैदान बनाने के बाद भी पांच साल में एक भी खिलाड़ी न मिल सका है ना गजब। यह हाल है उत्तराखंड में स्क्वैश के खेल का। स्पोर्ट्स स्टेडियम हल्द्वानी परिसर में बने स्क्वैश खेल के तीनों कोर्ट में में बीते पांच साल से ताले लगे हुए हैं। न तो यहां कभी किसी खिलाड़ी को ही प्रवेश मिल सका है और न ही कोई इस खेल के लिए पूछने को यहां आया है। इससे अब इस खेल स्टेडियम को ही बनाए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उत्तराखंड में साल 2024 में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेल में स्क्वैश के खेल को भी शामिल किया गया है। इसके लिए हल्द्वानी को आयोजन शहर के रूप में चुना गया है। स्पोर्ट्स स्टेडियम हल्द्वानी परिसर में बने बहुउद्देश्यीय भवन में प्रदेश के एकमात्र स्क्वैश कोर्ट भी बनाकर तैयार किए गए हैं। साल 2015 में कोर्ट बनाने का काम शुरू किया गया था और साल 2017 में तीन स्क्वैश कोर्ट बनकर तैयार हो गए थे। इसमें एक डबल और दो सिंगल कोर्ट बनाए गए हैं, जिनको बनाने में करीब 45 लाख रुपये खेल विभाग ने खर्च भी किए हैं। मगर हैरत की बात है कि शहर के बीचों बीच स्थित खेल परिसर में बने स्क्वैश खेल के कोर्ट के गेट पर बनने के पांच साल बाद भी ताले ही लटके हुए हैं। न तो यहां से एक भी खिलाड़ी खेल विभाग तैयार कर पाया है और न ही विभाग ने इसके प्रति गंभीरता दिखायी है। आलम यह है कि खेल विभाग को स्क्वैश खेल के कोच भी नहीं मिल पा रहे हैं। इससे 38वें राष्ट्रीय खेलों में स्क्वैश खेल में प्रदेश के खिलाड़ियों के प्रतिभाग करने पर भी संशय नजर आ रहा है।
खेल विभाग ने खिलाड़ियों के लिए ही कोर्ट तैयार किए हैं, लेकिन इस खेल के लिए अभी तक कोई खिलाड़ी नहीं आये हैं और न ही इस खेल के कोच मिल पाए हैं। विभाग तो चाहता है कि कोर्ट तैयार हैं और खिलाड़ी, कोच आएं, लेकिन पांच सालों में किसी ने इसके प्रति रुचि नहीं दिखायी है। जानकी कार्की, जिला खेल अधिकारी
उत्तराखंड ओलंपिक में होंगे आयोजन
स्क्वैश कोर्ट बनने के बावजूद कोच और खिलाड़ी न होने के कारण राज्य की 38वें राष्ट्रीय खेल में प्रतिभागिता सवाल पर उत्तराखंड ओलंपिक संघ के सचिव डीके सिंह का कहना है कि प्रदेश में स्क्वैश की एसोसिएशन है। इसलिए प्रदेश के खिलाड़ी इसमें प्रतिभाग करेंगे। खेल विभाग को इस खेल के प्रति युवाओं को जागरुक करना चाहिए और कोचों की नियुक्ति करनी चाहिए। 38वें राष्ट्रीय खेल से पहले संघ उत्तराखंड ओलंपिक का आयोजन करने की तैयारी कर रहा है। इसमें राष्ट्रीय खेल के अंतर्गत शामिल सभी आयोजन स्थलों पर खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित करवायी जाएंगी।