हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कालेज में एक बार फिर टेंडर का जिन्न बाहर निकला है। ट्रामा सेंटर के लिए उपकरण खरीद को कराए गए टेंडर में दो बड़ी कंपनियों के आने के बाद टेंडर कंप्यूटर से डिलीट हो गया। अब चौथी बार टेंडर कराने के लिए विज्ञापन निकाला गया है।
सुशीला तिवारी अस्पताल में ट्रामा सेंटर का निर्माण हो रहा है। ट्रामा सेंटर के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन, आईसीयू बेड, आपरेशन टेबिल समेत अन्य उपकरणों की खरीद होनी थी। बताया जा रहा है कि अल्ट्रासाउंड मशीन और आईसीयू बेड के लिए टेंडर फाइनल हो गए थे। दो बड़ी कंपनियों ने टेंडर डाले थे। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंप्यूटर से टेंडर डिलीट हो गए। इन टेंडरों के बाद अन्य उपकरण के लिए टेंडर किए जाने थे। सवाल यह उठता है कि आखिर टेंडर किसने डिलीट किए और क्यों। टेंडर डिलीट करने के पीछे कहीं किसी और कंपनी को फायदा पहुंचाने का तो नहीं है। सूत्रों की मानें तो टेंडर प्रक्रिया में शामिल टीम में से ही कोई कंप्यूटर से टेंडर डिलीट कर सकता है। इस संबंध में राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा का कहना है कि टेंडर गलती से डिलीट हुई है और चौथी बार टेंडर कराए जा रहे हैं। फिर भी इस मामले की जांच कराई जाएगी।
टेंडर हुए मगर कंप्यूटर से डिलीट हो गए
मेडिकल कालेज में फिर शुरू हुआ टेंडर का खेल