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15 दिन में नंधौर नहीं खुली तो घुस जाएंगे

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खनन - फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। नंधौर नदी में खनन शुरू न होने पर ग्रामीणों का पारा चढ़ गया। उन्होंने वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को ज्ञापन सौंपा। नदी में जल्द खनन शुरू कराने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में खनन शुरू नहीं हुआ तो जबरन निकासी की जाएगी।
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वन मंत्री डॉ. रावत शनिवार को वानिकी प्रशिक्षण अकादमी (एफटीआई) सभागार में समीक्षा बैठक कर रहे थे। इसका पता चलते ही आमखेड़ा के तमाम ग्रामीण वहां पहुंचे। उन्होंने नंधौर नदी में खनन शुरू कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कहा कि दो साल से खनन शुरू न होने से गांवों के सैकड़ों लोग बेरोजगार हैं। जिन्होंने बैंक से लोन लेकर गाड़ियां खरीदी हैं। वह इनकी किस्तें नहीं दे पा रहे हैं। इसके बावजूद परिवहन विभाग दोे साल से सरेंडर वाहनों पर भी टैक्स वसूली के नोटिस दे रहा है। हालत असहनीय हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में नंधौर में खनन की अनुमति नहीं मिली तो ग्रामीण जबरन खनन निकासी शुरू कर देंगे। इस दौरान ग्राम प्रधान सुरजीत कौर, हरीश थुवाल, दीपांशु बेलवाल, जगदीश, मोहन, विनोद, भरत, ललित, दीपक आदि थे।


डीएम को भी ज्ञापन सौंपा
हल्द्वानी। नंधौर नदी में खनन निकासी से जुड़े स्वामियों ने डीएम दीपेंद्र मोहन चौधरी को भी ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि नंधौर में खनन की 10 साल की मीयाद 2016 में समाप्त हो गई थी। दो साल से खनन शुरू न होने पर 5,000 वाहन, 10,000 श्रमिक, 5,000 चालकों के परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट विकट हो गया है। दो सालों से खनन न होने पर नदी में उपखनिज भी बहुत आ गया है इससे बाढ़ का खतरा बन गया है तो सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। आरोप लगाया कि वन निगम ने वाहनों की नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराई अब बंद करा दी। जिससे वाहन स्वामियों ने कर्ज लेकर टैक्स चुकाया अब बोझ बढ़ गया। उन्होंने चौधरी से जल्द खनन शुरू कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र सिंह खनवाल, भोलादत्त भट्ट, दुर्गालाल, राजेंद्र महता आदि थे।
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