हल्द्वानी। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित सरस मार्केट अब सरस मार्केट के रूप में नहीं बल्कि हिमान्या मार्ट के रूप में पहचाना जाएगा। लोगों को हिमान्या मार्ट की ओर आकर्षित करने के लिए विभाग ने सरस बाजार में कई ऐसे काम कराए हैं जिससे कि सरस बाजार खुले बाजार से टक्कर ले सके।
नगर में वर्ष 2005 में सरस बाजार की स्थापना की गई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रही महिला समूहों द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना था, लेकिन कई साल बीतने के बाद भी ग्राहकों का रुझान सरस बाजार की ओर नहीं हुआ। इसे देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत करीब आठ लाख रुपये खर्च कर सरस बाजार का सुंदरीकरण किया है। सीडीओ प्रकाश चंद्र ने बताया कि सरस बाजार में बिकने वाले जैविक उत्पाद अब हिमान्या मार्ट के बैनर तले बिकेंगे। हिमान्या मार्ट राज्य सरकार का अपना ब्रांड है। उन्होंने बताया कि हिमान्या मार्ट में लकड़ी के फर्नीचर के स्थान पर स्टील के फर्नीचर लगाए गए हैं। मुख्य द्वार समेत पूरे परिसर को गमलों से सजाया गया है। हिमान्या मार्ट में इस तरह का वातावरण तैयार किया गया है कि ग्राहक इस बाजार की ओर आकर्षित हो ताकि ग्रामीणों के जैविक उत्पादों को अधिक बाजार मिल सके। उन्होंने बताया कि ग्राहकों की सुविधा के लिए यहां स्टाफ में भी बढ़ोतरी कर दी गई है।