हल्द्वानी। राज्य बनने से पहले चंपावत जिले में एक तहसील थी। पूरे जिले के लोग तहसील संबंधी कार्यों के लिए चंपावत आते थे। तब भले ही लोगों को तहसील में आने के लिए दूर आना पड़ता था, लेकिन काम आसानी से हो जाते थे। उन्हें तहसीलदार, नायब तहसीलदार व अन्य अधिकारी उपलब्ध हो जाते थे। अब चंपावत जिले में तहसीलें बढ़कर पांच हो गई हैं। दो उप तहसीलें भी हैं, लेकिन लोगों को पहले की अपेक्षा ज्यादा भटकना पड़ रहा है।
इस समस्या से मंडल के सभी जनपदों के लोग जूझ रहे हैं। सभी जिले तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की कमी से जूझ रहे हैं। राज्य बनने से पहले मंडल में सिर्फ 19 तहसीलें थी। तब प्रत्येक तहसील में एक उप जिलाधिकारी, एक तहसीलदार और तहसील के क्षेत्रफल के आधार पर नायब तहसीलदार नियुक्त रहते थे। तब ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भले ही तहसील संबंधी कार्यों के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता था, लेकिन तहसील में अधिकारियों के उपलब्ध रहने से उन्हें काम के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता था।
राज्य बनने के बाद गांव से तहसील की दूरी कम करने के लिए प्रदेश में अब तक सत्ता में आई सरकारों ने नई तहसीलें खोलने में काफी तत्परता दिखाई। नतीजतन मंडल में तहसीलों की संख्या 19 से बढ़कर अब 50 हो गई है। आठ उप तहसीलें इससे अलग हैं। प्रदेश में हर दस से 20 किलोमीटर की दूरी में नई तहसील बनने से बेशक गांव से तहसील की दूरी कम हो गई है, लेकिन तहसील संबंधी कामों के निस्तारण के लिए लोगों को पहले की अपेक्षा अधिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। शासन ने नई तहसीलें तो खोल दी पर इनमें अधिकारियों की तैनाती करने पर अब तक कोई ध्यान नहीं दिया है। वर्तमान में मंडल में तहसीलदारों के स्वीकृत 50 पदों में से 40 पद रिक्त पड़े हैं। 40 तहसीलें बिना तहसीलदारों के चल रही हैं। नायब तहसीलदार, कानूनगो को इनका प्रभार दिया गया है। तहसीलदारों के अलावा इनमें नायब तहसीलदारों भी पचास फीसदी पद खाली हैं। नई तहसीलों में करीब 17 में एसडीएम के पद तक सृजित नहीं हो पाए हैं।
मंडल में तहसीलों का ब्योरा
जनपद तहसीलों की संख्या
सन 2001 सन 2017
पिथौरागढ़ 05 12
अल्मोड़ा 03 12
नैनीताल 04 08
ऊधमसिंह नगर 04 08
बागेश्वर 02 06
चंपावत 01 05
तहसीलदार, नायब तहसीलदारों के रिक्त पद
जनपद तहसीलदार नायब तहसीलदार
स्वीकृत रिक्त स्वीकृत रिक्त
पिथौरागढ़ 12 11 13 09
अल्मोड़ा 11 08 17 12
नैैनीताल 08 07 12 3
ऊधमसिंह नगर 08 05 07 07
बागेश्वर 06 06 07 04
चंपावत 05 03 07 05
मंडल में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की कमी से कार्यों में दिक्कतें आना स्वाभाविक है, लेकिन इनकी कमी के बावजूद कार्य को प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार की तैनाती राजस्व परिषद द्वारा की जाती है। - चंद्रशेखर भट्ट, आयुक्त कुमाऊं मंडल