भवाली (नैनीताल)। आप भवाली से अल्मोड़ा और रानीखेत की ओर जाएंगे तो नगर से एक किमी आगे जाने पर आपको एक पहाड़ी पर कूड़ा गिरता नजर आएगा। भवाली का सारा कूड़ा यहीं पड़ता है। पर्यटक ऐसे देख एक बार जरूर सोचते होंगे कि पहाड़ की हरियाली को इस कदर क्यों बर्बाद किया जा रहा है लेकिन नगर पालिका के पास इसका कोई जवाब नहीं है।
नगर पालिका क्षेत्र में कहीं भी ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं है। ऐसे में पालिका द्वारा पिछले कई दशकों से भवाली अल्मोड़ा रोड पर यहां से लगभग दो किमी दूर ही जैविक और अजैविक कूड़े को फेंका जाता है। इस स्थान पर हालांकि बसासत नहीं है लेकिन जिस पहाड़ी पर कूड़े के ढेर लगे हैं उसी पहाड़ी के ठीक नीचे शिप्रा नदी बहती है। बरसात में पहाड़ी का कूड़ा बरसाती पानी के साथ बहकर सीधे शिप्रा नदी में पहुंचता है। इससे नदी प्रदूषित होती है। बरसाती पानी के साथ शिप्रा में पहुंचा यही कूड़ा आगे जाकर कैंची में बाबा नीम करौली के मंदिर के पास तक पहुंचता है। अलग राज्य गठन के बाद भी शासन प्रशासन ने इस पहाड़ी को कूड़े के ढेरों से मुक्त कराने के लिए कोई पहल नहीं की है। जंगल में लगातार बढ़ रहे कूड़े के कारण इस क्षेत्र से होकर कैंची, निगलाट, भवाली गांव की ओर पैदल आने जाने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
सड़क किनारे कूड़ा फेंकना गलत है क्योंकि इसी रोड से सैलानी और कई तीर्थ यात्री भी गुजरते हैं। शासन स्तर पर नगर पालिका के कूड़े के निस्तारण की दिशा में पहल की जा रही है। जल्द ही इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। - संजीव आर्य, विधायक नैनीताल।
भवाली नगर पालिका क्षेत्र के कूड़े को हल्द्वानी के गौलापार में बनने वाले ट्रंचिंग ग्राउंड में फेंकने के लिए शासन स्तर पर वार्ता हुई है। कुछ समय बाद नगर के कूड़े को गौलापार स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में ही फेंका जाएगा। - नीमा बिष्ट, पालिकाध्यक्ष नगर पालिका भवाली
जिस स्थान पर अभी पालिका द्वारा कूड़ा फेंका जा रहा है, वन विभाग से उक्त भूमि पालिका को हस्तांतरित करने की भी बात चल रही है ताकि वहां पर वैज्ञानिक विधि से कूड़े का निस्तारण किया जा सके। जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। - ईश्वर सिंह रावत, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका भवाली