ग्रेटर हल्द्वानी (गौलापार) में बनने वाला चिड़ियाघर भारत में प्रमुख 10 चिड़ियाघरों की सूची में शामिल होगा। सेंट्रल जू अथॉरिटी की टीम ने चयनित क्षेत्र को चिड़ियाघर के लिए स्वीकृति दे दी है। वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने मंगलवार को वन विभाग के अधिकारियों के साथ चिड़ियाघर की प्रगति को लेकर समीक्षा की। कहा कि चिड़ियाघर के निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेंडर भी प्रकाशित हो चुके हैं।
प्रथम चरण में चिड़ियाघर में सिंगापुर के पैटर्न पर एक्वेरियम एवं मोनो रेल का निर्माण कराया जाएगा। द्वितीय चरण में वन्य जीवों के बाड़ा एवं विचरण अभ्यारण बनाए जाएंगे। वन्य जीवों की आवासीय व्यवस्था के साथ ही आधुनिकतम रेस्तरां, कैफेटेरिया तथा जू के स्टाफ के आवासीय भवन बनाए जाएंगे। प्रथम चरण का कार्य पूर्ण होने पर चिड़ियाघर को जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
प्रभागीय वन अधिकारी डा. पराग मधुकर धकाते ने कहा कि चिड़ियाघर की डीपीआर तैयार करने का कार्य तेजी से हो रहा है। वन विभाग की चिन्हित 412.23 हेक्टेयर भूमि की वन मंत्रालय भारत सरकार से क्लीयरेंस मिल चुकी है। चिड़ियाघर में पर्यटकों के घूमने के लिए प्राकृतिक ट्रैक भी बनाए जाएंगे। ऊंट की सवारी की व्यवस्था भी होगी। चिड़ियाघर के लिए जलवायु और जमीन बेहतर है। चिड़ियाघर के निर्माण में लगभग चार साल लगेंगे।