सुशीला तिवारी अस्पताल में उपनल कर्मियों की हड़ताल के दूसरे दिन ही व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। ओपीडी के पर्चेे के लिए लंबी लाइन लगी रहीं। वार्डों में कूड़ा इधर-उधर बिखरा पड़ा था। तीमारदारों को मरीजों को स्ट्रेचर से खुद ले जाना पड़ा। हड़ताल के चलते आज 40 आपरेशन नहीं हो सके।
मांगों को लेकर उपनल कर्मी हड़ताल पर थे। कर्मी मांगों को लेकर बुद्ध पार्क में प्रदर्शन कर रहे थे तो दूसरी ओर एसटीएच में हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। वार्डों के बाहर रखे कूड़ेदान भर गए थे और कूड़ा बिखरा पड़ा था।
जांचें भी नहीं हो सकी। सर्जरी में एक और इमरजेंसी में महज एक आपरेशन हुआ। जबकि 40 आपरेशन अन्य विभागों के टाल दिए गए। दूसरी ओर पिछले चार दिनों से सीटी स्कैन मशीन भी खराब पड़ी है। मरीजों को सीटी स्कैन कराने के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
उपनल कर्मियों ने बुद्ध पार्क में किया हवन यज्ञ
तीन सूत्री मांगों को लेकर दो दिनों से कार्य बहिष्कार कर रहे जिले भर के उपनल कर्मियों ने मंगलवार को बुद्ध पार्क में प्रदेश सरकार की सद् बुद्धि के लिए हवन यज्ञ किया। इसके बाद एसडीएम कोर्ट तक सरकार के खिलाफ रैली निकाली और एसडीएम कोर्ट परिसर में धरना दिया।
दोपहर डेढ़ बजे के करीब आंदोलित कर्मी तख्ती और बैनर लिए जुलूस की शक्ल में एसडीएम कोर्ट परिसर में ज्ञापन देने पहुंचे, लेकिन उस वक्त वहां एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट कोई भी उपस्थित नहीं थे, लिहाजा आंदोलित कर्मचारी नारेबाजी करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए।
बाद में तहसीलदार पीआर आर्या के माध्यम से कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि यदि शीघ्र उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो वह एक पखवाड़े के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों में पूरन भट्ट, मोहन रावत, नीरज हैड़िया, प्रकाश मेहता, भुवन सोराड़ी, कुंवर, रमेश शर्मा, राधेश्याम, चंदू कफल्टिया, मीना गुप्ता, प्रीति, दिनेश, इकबाल, कमल, गिरीश, कल्पना, कुसुम, हर्षवर्धन लोहनी, ललित बगड़वाल, विक्की जोशी, नीरज और सूरज सिंह आदि शामिल रहे।