हल्द्वानी। अब बहुउद्देशीय भवन में एक ही छत के नीचे पुलिस से जुड़ी 38 समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। भूतल स्थित कमरों में जन सुविधा केंद्र मंगलवार से शुरू हो गया है। सभी समस्याओं को हल करने के लिए अवधि निर्धारित की गई है। पहले ही दिन 37 शिकायतें पुलिस को मिली हैं। इनमें दो शस्त्र लाइसेंस, दो मोबाइल संबंधी, एक सूचना अधिकार संबंधी, एक चरित्र सत्यापन और एक अन्य प्रकार की थी। यातायात से संबंधित 22 चालान के मामले आए। एलआईयू को चरित्र सत्यापन के तीन और पासपोर्ट संबंधित एक शिकायत मिली।
जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन एसपी यातायात एवं कानून व्यवस्था रचिता जुयाल ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने पत्रकारों को बताया कि अब लोगों को अपनी समस्याओं के लिए कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आम जनता, सीओ, एसपी सिटी या एसएसपी से शिकायत कर सकती है। इस मौके पर एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक राजीव मोहन, एलआईयू प्रभारी दीप चंद्र भट्ट, सीपीयू प्रभारी हरकेश सिंह, पीआरओ प्रमोद पाठक मौजूद थे।
पाठक बनाए गए केंद्र प्रभारी
एसएसपी के पीआरओ प्रमोद पाठक को जन सुविधा केंद्र का प्रभारी नियुक्त किया गया है। केंद्र में तीन महिला सहित छह कांस्टेबल को नियुक्त किया गया है। कार्यालय सुबह दस से पांच बजे तक खुला रहेगा।
ये मिलेंगी 38 सुविधाएं
-विदेशियों को भारत में रहने की अवधि बढ़ाने संबंधित सूचनाएं सात दिन के अंदर उपलब्ध होगी।
विदेशियों का पंजीकरण तत्काल कराया जायेगा।
- बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन अन्य जनपद से प्राप्त सत्यापन पत्र के आधार पर सात दिन में होगा।
-एफआईआर की एक प्रति वादी को तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।
- लाउडस्पीकर के इस्तेमाल करने की अनुमति छह दिन के अंदर उपलब्ध होगी।
- सेवा योजना संबंधी सत्यापन की सूचना 30 दिवस के भीतर मिलेगी।
-पारपत्र सत्यापन कार्यवाही संबंधित सूचना 21 दिन के भीतर मिलेगी।
-सामान्य शिकायतों का निस्तारण 30 दिन में होगा।
-पुलिस के खिलाफ शिकायतों का निस्तारण 30 दिन में उपलब्ध होगा।
-शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण की संस्तुति, आख्या अग्रसारित करने संबंधित जानकारी 15 दिनों में मिलेंगी।
-शस्त्र लाइसेंस में अन्य परिवर्तन करने की संस्तुति, आख्या की रिपोर्ट सात दिन में मिलेगी।
-मेला प्रदर्शनी और अन्य कार्यक्रम के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र पांच दिन से भीतर उपलब्ध होगा।
-नए शस्त्र लाइसेस सत्यापन विषयक संस्तुति एवं आख्या 30 दिन में होगी।
-शस्त्रों का नवीनीकरण सत्यापन की संस्तुति 15 दिन में होगी।
-शस्त्र विक्रेताओं के लाइसेंस नवीनीकरण का अनापत्ति प्रमाण पत्र 15 दिन में मिलेगा।
-पेट्रोल पंप, सिनेमाहाल का अनापत्ति प्रमाण पत्र 30 दिन के अंदर मिलेगा।
-चरित्र सत्यापन ;पुलिस सत्यापन रिपोर्ट, सेना सत्यापन रिपोर्ट 30 दिन में मिलेगी।
-पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति 30 दिन में मिलेगी।
- सार्वजनिक बैठक करने, मार्च, जुलूस निकालने की रिपोर्ट सात दिन में मिलेगी।
-पटाखों के लाइसेंस के लिये अनापत्ति प्रमाण पत्र सिफारिश पर निर्णय, 30 दिवस के भीतर उपलब्ध होगा। भंडारण रिपोर्ट 15 दिन में मिलेगी। बेचने के लिए सात दिन में और अस्थायी बिक्री के लिए भी सात दिन तक इंतजार करना होगा।
-अग्निशमन सेवाओं के द्वारा अनापित प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्णय
-सार्वजनिक समारोह के लिए 15 के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध करायी जायेगी
- अन्य प्रायोजन हेतु 30 दिन के भीतर सूचना उपलब्ध करायी जाएगी
-आग से नुकसान के आंकलन पर निर्णय 30 दिवस के भीतर होगा।
- फिल्म शूटिंग के लिए अनुमति पर निर्णय सात दिन में होगा।
-शस्त्र लाइसेंस धारक के स्थानांतरण की रिपोर्ट 15 दिन में उपलब्ध होगी।
-गुमशुदगी का पंजीकरण 15 दिवस के भीतर होगा।
-मस्फर की बिक्री के लिये लाइसेंस रिपोर्ट सात दिन में मिलेगी।
- मनोरंजन गतिविधियों के लिए लाइसेंस रिपोर्ट 15 दिन में मिलेगी।
- किरायेदार का सत्यापन प्रदेश के अंदर 15 दिन और प्रदेश के बाहर 60 दिन में मिलेगी।
- नौकर सत्यापन में प्रदेश के अंदर 15 दिन प्रदेश के बाहर 60 दिन में रिपोर्ट मिलेगी।
- दस्तावेज, मोबाइल खोने की रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध होगी।
- शस्त्र लाइसेंसी का निवास परिवर्तन करने, दूसरे जनपद में शस़्त्र का नवीनीकरण 30 दिन में होगा।
-शस्त्रों की बिक्री का अनापत्ति प्रमाण पत्र 15 दिन में मिलेगा।
- भवन की अग्निसुरक्षा का अनापत्ति प्रमाण पत्र 30 दिन के भीतर मिलेगा।
- विदेशी नागरिकों की क्लिरेंस प्रमाण पत्र 30 दिन में मिलेगा।
- अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रपत्र दायर होने पर राहत हेतु प्रकरण प्रस्तुतिकरण 15 दिन में होगा।
-मोटर वाहन अधिनियम में चालानों का भुगतान तत्काल होगा।
- यातायात संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र सात दिन के भीतर होगा।
- सूचना अधिकार के तहत रिपोर्ट 30 दिन के भीतर उपलब्ध होगी।
आपराधिक घटनाओं की सूचना पहले जैसी
जन सुविधा केंद्र में आपराधिक घटनाओं की रिपोर्ट और जांच संबंधी कार्य नहीं होंगे। पहले जैसे लोगों को सूचनाएं थाना और चौकियों को उपलब्ध कराना होगा।