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348 डॉक्टरों से वसूली जाएगी बॉन्ड की रकम, पहाड़ पर सेवाएं न देने पर मेडिकल कॉलेज ने भेजा नोटिस

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हल्द्वानी। बांड भरकर मेडिकल की पढ़ाई करने वालों के पहाड़ों पर सेवा न देने को लेकर शासन अब सख्त हो गया है। एमबीबीएस और पीजी के 348 छात्रों से वसूली की तैयारी है। रकम अदा न करने पर इनके खिलाफ एफआईआर भी कराई जा सकती है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में वर्ष 2007 से 2019 तक एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान लोगों ने बांड भरे गए थे। बांड भरने के बाद काफी कम फीस ली जा रही थी। बांड की शर्तों के अनुसार एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा देनी थी। इसी प्रकार वर्ष 2014 से 2019 तक पीजी के छात्रों को भी बांड भरने पर फीस में राहत दी गई थी। एमबीबीएस के 295 और पीजी के 53 छात्र ऐसे हैं जिन्होंने पढ़ाई पूरी करने के बाद बांड की शर्तों का अनुपालन नहीं किया।
बांड की शर्तों को तोड़ा, सेवाएं नहीं दी
हल्द्वानी। पीजी के एक छात्र से एक वर्ष का 4 लाख 40 हजार रुपये और ब्याज के साथ वसूली की जानी है। एक छात्र से 13 लाख 20 हजार रुपये मय ब्याज वसूला जाएगा। एमबीबीएस के छात्रों से 18 लाख से 30 लाख रुपये तक वसूले जाने हैं। 18 लाख रुपये वाले छात्रों से ब्याज भी लिया जाएगा। शासन स्तर से इन छात्रों की लिस्ट मेडिकल कालेज के प्राचार्य को भेजी गई है। बांड का उल्लंघन करने वाले छात्रों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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बांड की रकम अगर छात्र अदा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर भी कराई जा सकती है। बांड का उल्लंघन करने वाले छात्रों के अभिभावक के अलावा गारंटी लेने वालों को भी नोटिस भेजकर पूरी जानकारी दी गई है। गारंटी लेने वालों को कहा गया है कि वसूली की कार्रवाई उनसे हो सकती है।
-डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी
बांड तोड़ने वाले छात्रों की लिस्ट मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को भेजी गई है। स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से चार सौ से अधिक डॉक्टरों की भर्ती की जा रही है। साथ ही पीजी में कुछ दाखिला ले रहे हैं। बांड तोड़ने वाले अगर ज्वाइन कर लेते हैं तो लिस्ट दोबारा संशोधित होगी। बांड की रकम न अदा करने वालों के खिलाफ आरसी जारी करने से लेकर एफआईआर तक कराई जा सकती है। इस प्रक्रिया में जिला प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा।
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-संजय गौड़, संयुक्त निदेशक चिकित्सा-शिक्षा
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