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जंगली जानवरों से फसल बनाने की मांग

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रामपुर में बारिश और हवा से बेकार हुई गेहूं की फसल। अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) की सीमा से सटे ग्रामीण वन्यजीवों के आतंक से परेशान हैं। इनमें शामिल ग्राम चोरपानी, गौजानी के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को सीटीआर के उपनिदेशक चंद्रशेखर जोशी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने वन्यजीवों को जंगल में रोकने, फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की।
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गौजानी के प्रधान कमरुद्दीन, ग्रामीण मुकेश सत्यवली, शंकर चंद्र सिंह, खीमानंद पंत, गोविंद राम, नाजिम, मो. राशिद, सलीम अहमद, पूजा देवी आदि ने उपनिदेशक को बताया कि जंगली जानवरों में चीतल, सांभर, सुअरों ने गेहूं, सब्जियों की फसलों को नष्ट कर दिया है। इस कारण खेती करना, पालतू मवेशियों को पालना मुश्किल हो रहा है जबकि ग्रामीणों की रोजी रोटी इसी से चल रही है। फसल खराब होने की वजह से भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। जंगली जानवरों की रोकथाम करने की गुहार लगाई। इस पर उपनिदेशक ने बिजरानी के रेंजर राजकुमार को बुलाकर आबादी से सटे जंगल में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिये।

जंगली जानवरों से फसल बनाने की गुहार
चोरपानी, गौजानी के ग्रामीणों ने सीटीआर के उपनिदेशक से मिलकर ग्रामीणों ने लगाई

क्षति पूर्ति नहीं दे पा रहा कॉर्बेट प्रशासन
रामनगर (नैनीताल)। सेमखलिया, हिम्मतपुर डोटियाल, कानिया, ढेला, सांवल्दे आदि गांव सीटीआर की सीमा से सटे हैं। जंगली जानवरों ने इन ग्रामीणों की फसलों को क्षति पहुंचाई है। नियमानुसार वन विभाग को प्रभावित किसानों को मुआवजा देना चाहिए लेकिन आठ माह से कॉर्बेट प्रशासन क्षति पूर्ति नहीं दे रहा है। क्षति पूर्ति की मांग के लिए ग्रामीण विभागीय दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन हर बार फंड की कमी बताई जा रही है। ईको विकास समिति (ईडीसी) के अध्यक्ष संजय कड़ाकोटी, ओमप्रकाश गौड़ आदि ने बताया कि चौकीदारों को भी आठ माह से मानदेय नहीं मिला है जबकि उनको मात्र चार हजार रुपये मासिक मिलते हैं। इससे चौकीदारों में भी गुस्सा है। ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने बताया कि फेंसिंग, मेंटीनेंस, पशु क्षति, मानव क्षति, फसल क्षति के मामलों में कॉर्बेट प्रशासन को 88 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति करनी है। वह तीन दिन पहले ही सीटीआर के निदेशक राहुल को परेशानी बता चुके हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके लिए ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। निदेशक राहुल ने बताया कि बजट मिलते ही क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा।
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