गरमपानी (नैनीताल)। रातीघाट इंटर कॉलेज में शनिवार को अभिभावकों के साथ शिक्षकों की बैठक हुई। इस मौके पर स्कूली बच्चों को पीटने और मुर्गा बनाने के मामले में शिक्षक ने अपने व्यवहार के लिए अभिभावकों से माफी मांगी। बैठक में अभिभावकों ने शिक्षक को भविष्य में ऐसा दुर्व्यवहार न करने की चेतावनी दी। कहा यदि आगे ऐसा हुआ तो पुलिस कार्रवाई करेंगे।
अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे स्थित जीआइसी रातीघाट में शुक्रवार को गणित की किताब नहीं लाने पर एक शिक्षक ने आपा खो दिया था। आरोप है कि उसने सातवीं के 19 विद्यार्थियों को बांस के डंडे से पीटा और बच्चों को करीब एक घंटा मुर्गा बनाए रखा। इसकी जानकारी अभिभावकों को तब हुई, जब बच्चे घर पहुंचे और उनके हाथों में सूजन देखकर सकते में आ गए। इसके बाद अभिभावकों ने घायल बच्चों का इलाज सीएचसी खैरना में कराया।
इसी मामले को लेकर शनिवार को अभिभावक कॉलेज में पहुंचे और आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। पीटीए अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने कहा कि शिक्षक ही अगर बच्चों की पिटाई करेंगे तो बच्चों का शिक्षकों से भरोसा ही उठ जाएगा। अन्य अभिभावकों में नीरज जलाल, तारा सिंह, आनंद सिंह, नंद किशोर ने भी दोबारा ऐसा होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। इस दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैठक में आरोपी शिक्षक ने अभिभावकों से माफी मांगी, जिस पर उन्होंने भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी।
रातीघाट इंटर कॉलेज में किताबें न होने पर बच्चों को पीटने का आरोप
अभिभावकों ने कॉलेज में हुई बैठक में भविष्य में सुधरने की दी हिदायत
पाठ्यक्रम न होने से विद्यार्थी भुगत रहे खामियाजा
सरकार की ओर से समय पर स्कूली पाठ्यक्रम उपलब्ध न होने का खामियाजा छात्र-छात्राओं को उठाना पड़ रहा है। चार माह बाद भी बाजार में किताबें न होने से बच्चों का भविष्य अंधकार में बना हुआ है। इधर अभिभावकों ने समय से किताबें बाजारों में उपलब्ध कराने की मांग शिक्षा विभाग से की है।
शिक्षक ने अपने व्यवहार के लिए मांगी क्षमा
शनिवार को अभिभावकों के साथ बैठक हुई, जिसमें शिक्षक ने अपने व्यवहार के लिए क्षमा मांगी। इस पर अभिभावकों ने फिर से ऐसा न करने की हिदायत दी और मामले को सुलझा लिया गया। अब इस पर किसी को कोई शिकायत नहीं है।
एएन ओझा, कार्यवाहक प्रधानाचार्य
जांच में दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई
रातीघाट इंटर कॉलेज में शिक्षक की ओर से अगर बच्चों को पीटा गया है तो इसकी विभागीय जांच की जाएगी। यदि शिक्षक दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- केके गुप्ता, मुख्य शिक्षा अधिकारी