नैनीताल। द फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया का दावा है कि कोरोना के कारण देश के 30 फीसदी होटल एवं रेस्टोरेंट पूरी तरह से बंद हो गए हैं। 20 प्रतिशत होटल लॉकडाउन के बाद खुले ही नहीं हैं, जबकि 50 फीसदी वर्तमान में घाटे में चल रहे हैं।
फेडरेशन के वाइस प्रेजीडेंट गुरबख्श सिंह कोहली ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत एवं मुख्य सचिव ओम प्रकाश को पत्र भेजकर राज्य में होटल उद्योग को बचाने का अनुरोध किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से होटल व्यवसाय को बचाने के लिए बिजली के बिलों, भवन कर आदि में छूट दिलाने, पूर्ण बंदी की जगह स्थितियों के अनुसार आंशिक बंदी लागू करने, लोगों को आमंत्रण पत्रों के आधार पर शादियों में जाने की छूट देने एवं होटल उद्योग के कर्मियों को कोरोना योद्धा मानते हुए कोरोना टीकाकरण में प्राथमिकता दी जाए।
फेडरेशन के निदेशक मंडल सदस्य और कुमाऊं के होटल व्यवसायी प्रवीण शर्मा ने बताया कि फेडरेशन देश के 55 हजार होटलों एवं पांच लाख रेस्टोरेंट का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन है। कोरोनाकाल एवं लॉकडाउन के बाद जहां दूसरे क्षेत्रों में कई छूट दी गईं, वहीं सर्वाधिक रोजगार देने वाले होटल उद्योग की ओर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है। होटलों के बंद होने और कर्मचारियों के बेरोजगार होने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।