मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक खूब बदरा बरसे। जितनी सितंबर के महीने में अब तक बरसात हुई थी, उतनी तो एक रात में ही हो गई।
इससे गर्मी से भले राहत मिली हो, लेकिन जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा। वैज्ञानिकों के अनुसार धान की देर से पकने वाली प्रजातियों के लिए यह फायदेमंद होगी।
वन अनुसंधान नर्सरी में बरसात का रिकार्ड रखा जाता है। वन क्षेत्राधिकारी मदन बिष्ट का कहना है कि हल्द्वानी में 11, 18, 19, 20, 21 और 22 सितंबर को बरसात हुई है।
इस दौरान कुल 48.6 एमएम बरसात हुई थी, लेकिन एक ही रात में 42.2 एमएम की बरसात रिकार्ड की गई है। पंतनगर विवि के मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डा. अजीत सिंह नैन कहते हैं कि देश के अन्य हिस्सों में भी बरसात हुई है। यह बरसात देर से तैयार होने वाली धान की फसलों के लिए काफी फायदेमंद होगी।