हल्द्वानी। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आयरन की गोलियां खिलाने के बाद भी जिले में पांच हजार से अधिक किशोरियां एनीमिया से पीड़ित मिली हैं।
एनएचएम के तहत राष्ट्रीय किशोर कार्यक्रम चलाया जाता है, इसमें कक्षा छह से बाहर तक के किशोर-किशोरियों (10 से 19 वर्ष) को एनीमिया खत्म करने के लिए आयरन की गोलियां खिलाई जाती हैं। जिले में 92 हजार किशोर-किशोरियों को आयरन की गोलियां खिलाने के लिए 45 लाख आयरन की गोलियां मंगाई गई हैं। यह गोलियां सरकारी और अर्द्धसरकारी स्कूलों में किशोर-किशोरियों को गोलियां खिलाई जाती हैं। कार्यक्रम के तहत हाल ही में किए गए सर्वे के बाद चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। सूत्रों की मानें तो पांच हजार से अधिक किशोरियां एनीमिया से पीड़ित मिली हैं। किशोरियों की संख्या ज्यादा भी होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। निजी स्कूलों में अगर सर्वे किया जाए तो आंकड़ा और बढ़ सकता है।
पांच हजार किशोरियां एनीमिया से पीड़ित
92 हजार किशोर-किशारियों को खिलाने के लिए 45 लाख आयरन की गोलियां मंगाई गई
कक्षा छह से बारह तक के बच्चों को खिलाई जाएगी
पांच हजार किशोरियों में आंशिक रूप एनीमिया की शिकायत मिली है। कार्यक्रम के तहत इस बार 92 हजार किशोर-किशोरियों को आयरन की गोलियां खिलाई जाएंगी। -हेम जलाल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम अधिकारी