हल्द्वानी। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पूरी कर लौटे पांचवें और छठे दल के सदस्य चाइना में भोजन और शौचालय की व्यवस्था के काफी खिन्न नजर आए। जबकि भारतीय क्षेत्र में खराब मौसम के बावजूद कुमाऊं मंडल विकास निगम और आईटीबीपी द्वारा की गई व्यवस्थाओं से बेहद प्रसन्न थे।
कैलाश यात्रा पूरी कर लौटे जयपुर (राजस्थान) के भंवर लाल वर्मा ने बताया कि उन्हें चाइना में भोजन की बड़ी दिक्कत हुई। अपने लिए अलग रसोइये की व्यवस्था करनी पड़ी। मौसम खराब होने से कारण गुंजी में एक हफ्ते तहत रुकना पड़ा। गुजरात के राजीव गौड़ और अंजू गौड़ दंपति के साथ उनके पुत्र जयवर्धन गौड़ भी कैलाश यात्रा पूरी कर लौटे। उन्होंने चाइना में शौचालय संबंधी दिक्कतें बताईं जबकि एक हफ्ते तक गुंजी में ठहरने पर उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। आईटीबीपी और कुमाऊं मंडल विकास निगम ने उनके रहने खाने और सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया। यहां तक कि परिजनों से भी लगातार घर बात कराई जा रही थी। मध्यप्रदेश के मनीष त्रिपाठी ने बताया कि कुमाऊं मंडल विकास निगम के द्वारा कराई गई होम स्टे की व्यवस्था काफी अच्छी रही। कैंपों में सरकारी कर्मचारी अलग तरह का व्यवहार करते हैं जबकि होम स्टे में यात्रियों को घर जैसी सुविधाएं मिलीं। इसके अलावा एक दूसरे की संस्कृति को जानने और समझने का भी मौका मिला। यात्री दल के जनसंपर्क अधिकारी अमरवीर यादव और वंदना ने बताया कि गुंजी में यात्रियों ने बेहद सुखद अनुभव किया और स्वयं को सभी सुरक्षित महसूस कर रहे थे। होम स्टे की व्यवस्था शानदार थी। कुमाऊं मंडल विकास निगम को सभी यात्री पड़ावों में होम स्टे व्यवस्था लागू करनी चाहिए। कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक ने यात्रियों को बताया कि गुंजी, कालापानी जैसे पड़ावों के लिए पर्याप्त राशन आदि सामग्री भेजी गई है। यात्रियों को लेकर जा रहे चौपर से भी यात्रियों के लिए अतिरिक्त खाद्य सामग्री, रसद और अन्य जरूरी सामान भेजा जा रहा है। होम स्टे का उद्देश्य कल्चरल एक्सचेंज है, जो पूरी तरह अपने उद्देश्य पर खरा उतरा है।
केएमवीएन और आईटीबीपी की व्यवस्थाओं की तारीफ की
कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर लौटे यात्रियों से बातचीत