हल्द्वानी। सूबे के पर्वतीय जिलों में पर्यटन की अपार संभावनाओं को अब पंख लगने वाले हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बाहरी के साथ ही स्थानीय निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इस बाबत अगले माह नैनीताल में एक निवेशक मीट होने जा रही है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार ने प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए पहल की है। प्रदेश सरकार ने कॉनफेडरेशन ऑफ इंडिया इंडस्ट्री (सीआईआई) के साथ हाथ मिलाया है। सरकार सीआईआई के साथ मिलकर सूबे में आयुर्वेद, हर्बल, ऑटो, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बाहरी निवेशकों को आमंत्रित कर रही है। प्रबंधक योगेश चंद्र पांडे ने बताया कि इसी क्रम में उद्योग निदेशालय, सीआईआई 10 अगस्त को नैनीताल में एक निवेशक मीट आयोजित कराने जा रहा है। इस मीट में बाहरी प्रदेशों और स्थानीय निवेशकों को बुलाया जाएगा। मीट में पर्वतीय जिलों में पर्यटन को उद्यम से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। निवेशकों को साहसिक पर्यटन (ट्रैकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, रॉक क्लाइंबिंग) पर भी फोकस रहेगा। ताकि पर्वतीय जिलों में प्रकृति से छेड़छाड़ किए बिना कारोबार हो सके। इससे पूर्व हरिद्वार में आयुर्वेद, हर्बल उत्पादों को लेकर मीट हो चुकी है। अब टिहरी, नैनीताल, रुद्रपुर में एक मीट होगी। हर जिले में वहां की स्थानीय उद्यम के अनुसार मीट की जाएगी।
पर्यटन में निवेश होने से ये होंगे फायदे
- रोजगार के अवसर पैदा होंगे, स्थानीय को रोजगार मिलेगा
- स्थानीय किसानों की फसल पहाड़ पर ही खपेगी, आर्थिकी मजबूत होगी
- प्रदेश की सबसे ज्वलंत समस्या पलायन की रोकथाम होगी