हल्द्वानी। जिसकी आशंका थी वही हुआ। शहर में लोगों का जीना मुहाल कर रहे कुत्तों के हमले से घायल महिला ने दम तोड़ दिया। प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की नींद फिर भी नहीं टूट रही है। कुत्तों के हमले रोकने या उन्हें पकड़ने के इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
गौलापार देवला तल्ला निवासी 60 वर्षीय एक महिला के घर में कुत्ते ने भैंस को मई शुरूआत में ही काटा था। कुछ दिन बाद महिला को भी निशाना बनाया। कुछ दिन बाद ही भैंस की मौत हो गई। कुत्ते की भी मौत हो गई थी। बताते हैं कि महिला और परिवार के अन्य सदस्यों ने भैंस का दूध पिया था। तबियत बिगड़ने पर महिला को 10 मई को इलाज के लिए नीलकंठ हास्पिटल में भर्ती कराया गया। एक सप्ताह तक इलाज चलने के बाद भी उनकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ। परिजन बुधवार को उन्हें डिस्चार्ज कराकर घर ले गए थे। बृहस्पतिवार सुबह लगभग सात बजे महिला की मौत हो गई। परिवार के अन्य 20 सदस्यों ने भी सुरक्षा की दृष्टि से रैबीज के इंजेक्शन लगवा लिए थे। नीलकंठ हास्पिटल के प्रबंधन निदेशक डॉ. गौरव सिंघल ने बताया कि महिला की मौत रैबीज से हुई है। उनके बचने की उम्मीद नहीं थी इसलिए बुधवार को परिजनों से कहा था कि चाहे तो घर ले जा सकते हैं।
24 अन्य को भी काटा
हल्द्वानी। बृहस्पतिवार को भी 24 लोगों को कुत्तों ने काट लिया। कुत्ते का शिकार हुए लोगों ने बेस अस्पताल पहुंचकर रैबीज के इंजेक्शन लगवाएं।
हल्द्वानी और नैनीताल क्षेत्र में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। आवारा कुत्तों से कैसे निपटा जा सकता है इस संबंध में विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। नैनीताल और हल्द्वानी में कुछ स्थान विशेष में ही आवारा कुत्ते लोगों को काट रहे हैं।
विनोद कुमार सुमन डीएम
डेढ़ साल से निगम में धूल फांक रहा है एनिमल कैचर
हल्द्वानी। नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही तो देखिए, कुत्तों के काटने के रोज मामले सामने आने के बाद भी नगर निगम की टीम एक दिन भी कुत्तों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने नहीं उतरी। डेढ़ साल से नगर निगम के पार्किंग में एनिमल कैचर धूल फांक रहा है। साथ ही डेढ़ साल से एबीएस कैंपस का निर्माण भी शुरू नहीं हो पाया है।
पिछले साल कुत्तों के झपटने से नैनीताल में एक बच्ची सड़क से नीचे खाई में गिर गई थी। इसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में भी कुत्तों के द्वारा आदमी को काटने के मामले सामने आए। खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए तत्कालीन नगर आयुक्त हरवीर सिंह ने एनिमल कैचर खरीदने और एबीएस कैंपस शुरू कराने की बात कही। उस दौरान डाक्टरों की टीम ने हल्द्वानी क्षेत्र में करीब 50 कुत्तों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए। साथ ही एनिमल कैचर भी खरीदा गया। साथ ही एक पशु चिकित्सक को हल्द्वानी नगर निगम में अतिरिक्त चार्ज भी दिया गया। उसके बाद नगर आयुक्त बदलते ही यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
पशु चिकित्साधिकारी का आरोप
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीसी जोशी का कहना है कि कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर आयुक्त की ओर से कर्मचारी मुहैया नहीं कराए गए हैं। कर्मचारी मिलते ही उनको कुत्ते पकड़ने की ट्रेनिंग दी जाएगी। उसके बाद ही एंटी रैबीज लगाना संभव होगा।