हल्द्वानी। गौला पुल के नीचे हो रहे अवैध खनन पर आखिरकार जिला प्रशासन की नींद टूट गई है। डीएम ने अवैध खनन करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराने और गौला पुल से एक-एक किमी दायरे में खनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में खबर प्रमुखता प्रकाशित की तो प्रशासन हरकत में आया। डीएम दीपेंद्र चौधरी ने कैंप कार्यालय में वन, राजस्व, पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि काठगोदाम पुल और हल्द्वानी गौला पुल के दोनों ओर एक किमी के दायरे में हाइकोर्ट ने खनन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया हुआ है। उन्होंने वन विभाग, वन निगम, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से टीम बनाकर नियमित रूप से छापेमारी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी पुलों के ऊपर नीचे अवैध खनन करते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया जाए।
लोक निर्माण विभाग ने भी लिया संज्ञान
हल्द्वानी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने भी खबर का संज्ञान लिया। अधिशासी अभियंता रणजीत रावत ने बताया कि बुधवार को गौला पुल का निरीक्षण लोनिवि की इंजीनियरिंग टीम करेगी। उन्होंने कहा कि अवैध खनन से पुल की बुनियाद को खतरा पैदा हो गया है। जल्द ही बुनियाद की मरम्मत की जाएगी।
खनन समिति की बैठक में भी उठा मामला
हल्द्वानी। डीएम दीपेंद्र चौधरी ने मंगलवार को खनन समिति की बैठक ली। इससे में अवैध खनन का मामला उठा। उन्होंने खनन समिति द्वारा वन निगम के प्रबंध निदेशक से दाबका नदी का वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार से दोबारा सर्वे कराने का निर्णय लिया गया। बताया गया कि नंधौर नदी में खनन के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा स्वीकृति मिलने के साथ ही प्रत्येक गेट में अधिकतम 580 वाहन पंजीकरण के साथ ही पांच गेट खोलने की अनुमति प्राप्त हो गई है। इस पर डीएम ने नंधौर के क्षेत्रीय वन प्रबंधक को निर्देश दिए कि वह जल्द नंधौर में खनन शुरू कराएं। डीएलएम नंधौर ने बताया कि नंधौर में पूर्व में 2100 खनन वाहन पंजीकृत थे, जिनका नवीनीकरण होना है। उन्होंने बताया कि पूर्व में चार गेट खोले गए थे जिसमे से चोरगलिया गेट बंद है। इस पर डीएम ने डीएलएम को निर्देश दिए कि वह स्वीकृति के अनुसार पांच गेट खोलना सुनिश्चित करे ताकि सभी पूर्व पंजीकृत वाहनों से खनन संचालित हो सके। बैठक में एडीएम हरवीर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, एएसपी अमित श्रीवास्तव, आरटीओ राजीव मेहरा, एसडीएम एपी बाजपेयी, परितोष वर्मा, सीओ लोकजीत सिंह, विजय ढौंडियाल, डीएलएम प्रेम सिंह बोरा, अनीश अहमद, उप निदेशक खान राजपाल लेघा आदि मौजूद रहे।