हल्द्वानी। कारोबारियों के लिए राहत की खबर है। जीएसटी के रिटर्न भरने में आ रहे झंझटों से निजात के लिए राज्य कर विभाग ने पहल की है। रिटर्न के सरलीकरण के लिए राज्य कर विभाग में कार्यशाला हुई। इसमें सरलीकरण में होने वाले प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
मंगलवार को काठगोदाम स्थित राज्य कर विभाग के सभागार में जीएसटी के रिटर्न पर कार्यशाला हुई। संयुक्त आयुक्त पीएस डुंगरियाल ने बताया कि देश भर में जीएसटी के रिटर्न को सरलीकरण को लेकर मंथन किया जा रहा है। केंद्र ने तीन विकल्प दिए हैं हालांकि तीसरा विकल्प कारोबारियों, अधिवक्ताओं के लिए मुफीद है। जीएसटी विशेषज्ञ वीपी ओझा और मानवेंद्र सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पूर्व की भांति अलग-अलग तारीखों पर जीएसटी आर 1, 2, 3 भरने का झंझट खत्म हो जाएगा। सभी कारोबारियों को मासिक रिटर्न जमा करना होगा। अंतिम तिथि के बाद पोर्टल पर रिटर्न भरने का विकल्प बंद नहीं होगा। हर माह की अगली 10 तारीख तक सिर्फ बिक्री का ब्योरा देना होगा। जो खुद ब खुद खरीद करने वाले कारोबारी के जीएसटी आर 2 में दिखाई देने लगेगा। उन्होंने बताया कि यह आफ लाइन और आन लाइन टूल के जरिए भी फाइल बनाई जा सकती है।
बड़ी मुश्किल से पुराना सीखा था, अब नया पोर्टल सीखना होगा
कारोबारियों और अधिवक्ताओं का कहना था कि बमुश्किल इस पोर्टल पर रिटर्न भरना सीखा था, अब नए पोर्टल पर काम करने में समस्या होगी। फिलहाल सरलीकरण को लेकर कारोबारियों और अधिवक्ताओं की मिली जुली राय रही। इस दौरान सुमित गुप्ता अध्यक्ष टैक्स बार एसोसिएशन, अब्दुल कलाम, हृदयेश गुप्ता, संजय पांडे, संजय जोशी, अक्षय अग्रवाल आदि मौजूद थे। उधर यह रिपोर्ट बनाकर शासन को सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरलीकरण को लेकर फैसला किया जाएगा।
अधिवक्ताओं ने गिनाईं समस्याएं
= 1.5 करोड़ के टर्न ओवर वाले कारोबारी को तिमाही रिटर्न भरने की छूट होगी खत्म
= यदि कोई कारोबारी रिटर्न में बिक्री के संपूर्ण ब्योरा नहीं देता है और खरीददार देता है तो कर का जिम्मा खरीददार पर होगा जो कि गलत है
= कभी-कभी माल चेक पर बेचा जाता है ऐसे में बिल तो काटा जाता है लेकिन पक्का भुगतान के बाद होता है इसमें कई दिन लगते हैं ऐसे में 10 तारीख तक ब्योरा देने में समस्या होगी