हल्द्वानी। भाजपा सरकार ने जंगलात से पैदा होने वाली वन उपज इमारती लकड़ी, रेता, बोल्डर, मिट्टी वगैरह पर वसूला जाने वाला अभिवहन (ट्रांजिट) शुल्क में तिगुनी से ज्यादा की बढ़ोत्तरी की है। इस सत्र में वन उपज पर नया अभिवहन शुल्क वसूला जाएगा।
राज्य की आय का मुख्य जरिया जंगलात व नदियों की पैदावार है। जंगल से निकलने वाली उपज पर वन महकमा 1.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से अभिवहन शुल्क वसूल करता है। अब प्रदेश सरकार ने इमारती लकड़ी और अन्य वन उपज का अभिवहन नियमावली में संशोधन करते हुए अभिवहन शुल्क में तीन गुना से ज्यादा की वृद्धि की गई है। इसके तहत अभिवहन शुल्क 1.50 रुपये से बढ़ा कर 5 रुपये कर दिया गया है। अभिवहन शुल्क में बढ़ोत्तरी होने से वन महकमा की आय में भी तीन गुना वृद्धि होने की संभावना है। प्रभारी सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी ने इस बाबत दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं। अब इस सत्र में ही नदियों से होने वाली उप खनिज निकासी, इमारती लकड़ी आदि पर भी नया अभिवहन शुल्क वसूला जाएगा।
तीन साल बाद बढ़ाया अभिवहन शुल्क
त्रिवेंद्र रावत सरकार ने तीन साल बाद अभिवहन शुल्क में वृद्धि की है। इससे पूर्व 2014 में अभिवहन शुल्क में तीन गुनी वृद्धि की गई थी। वर्ष 2012 में 50 पैसे प्रति क्विंटल की अभिवहन शुल्क वसूला जाता था जो 2014 में बढ़ा कर 1.50 किया था।
भरेगी वन विभाग की झोली
नैनीताल जनपद में ही चार नदियों गौला, नंधौर, कोसी, दाबका से 88 लाख घनमीटर से ज्यादा खनन निकासी की जाती है। अगर इन नदियों से ही पांच रुपये शुल्क के हिसाब से वसूली की जाती है तो वन विभाग के खजाने में 42 करोड़ 99 लाख 61 हजार रुपये का इजाफा होगा।
नदी उप खनिज निकासी की पुराना शुल्क नए शुल्क से प्राप्त होने
मात्रा क्विंटल में से आय वाली आय
गौला 11,93,50,000 17,90,25,000 59,67,50,000
नंधौर 21,00,000 31,50,000 1,05,00,000
कोसी 11,24,000 16,86,000 56,20,000
दाबका 2,72,000 4,08000 13,60,000
कुल 184269000 614230000
नोट :- यह सूची वन विकास निगम के नदी से हर साल उप खनिज निकासी के तय आंकड़े के अनुसार गणना कर बनाई गई है।
घर बनाना हो सकता है महंगा
नदियों से निकलने वाले आरबीएम पर ट्रांजिट शुल्क बनाने से रेता, बजरी के दामों में भी बढ़ेंगे। पहले से जीएसटी लागू होने से रेता बजरी महंगा हुआ था अब ट्रांजिट शुल्क तिगुने से ज्यादा होने पर रेता बजरी के दामों में और उछाल आएगा। जिससे घर बनाना महंगा साबित हो सकता है।
वन उपज पर ट्रांजिट शुल्क बढ़ाया गया है, इससे वन विभाग को होने वाली आय में भी इजाफा होगा। - डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक पश्चिमी वन वृत्त