हल्द्वानी। सत्ता जाने के बाद भी कांग्रेस विधायक हरीश धामी की हनक कम नहीं हुई है। विधायक ने चेतावनी भरे अंदाज में कानून के बाहर जाकर भी कार्रवाई करने की बात एसडीएम और एसपी सिटी के समक्ष कह दी। एसडीएम ने जवाब दिया कि विधायक जी वो आपका विशेषाधिकार है।
मंगलवार की रात एसटीएच में धरने पर बैठे विधायक धारचूला हरीश धामी ने कहा कि एसटीएच में धारचूला या दूरस्थ पहाड़ से आने वाले मरीज पिटने के लिए आते हैं। विधायक प्राचार्य के कमरे में जाकर भी बात करने को तैयार नहीं हुए। बोले-एसटीएच वालों ने मुझे बैठने लायक छोड़ा ही नहीं है। एसटीएच की व्यवस्था के बारे में उनके अलावा कोई जनप्रतिनिधि बेहतर नहीं जानता है। पूर्व में जब भर्ती हुए तो पांच हजार रुपये का बिल देना पड़ा था। विधायक ने कहा कि वह चाहते तो बवाल कर सकते थे मगर ऐसा नहीं किया। उत्तराखंड सरकार की ओर से उनके इलाज की निशुल्क व्यवस्था थी।
विधायक ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने दारू पीने के लिए कोई समय तय नहीं किया है। मरीज दीपा धामी के पति ने अगर दारू पी ली तो कोई अपराध तो नहीं कर दिया। सिक्योरिटी में तैनात गार्डों ने उसे पीट दिया, अगर वह (विधायक) नहीं आते तो गार्ड उसे जान से मार देते। विधायक ने कहा कि अगर डॉक्टर गुंडई पर उतर रहा है तो जनप्रतिनिधि क्या करेंगे। विधायक धामी यहीं नहीं रुके। उन्होेंने कहा कि अगर कानून कहता है कि हम कार्रवाई नहीं कर सकते हैं तो उस डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने में वह सक्षम हैं। एसडीएम और एसपी सिटी के सामने कहा कि हम कानून बनाने वाले लोग हैं इसलिए कानून के तहत बात कर रहा हूं, अगर कानून के बाहर जाना है तो भी मैं तैयार हूं।
यहां तो चार घंटे बाद पहुंचता है एसडीएम
विधायक धामी ने कहा कि सिर पर चोट लगे चार घंटे हो चुके हैं और एसडीएम चार घंटे बाद पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्राचार्य डॉ. भैसोड़ा पर उनका भरोसा है। उन्होंने डीआईजी रौतेला को बताया कि उनकी जान को खतरा है तब पुलिस फोर्स आई है। उन्होंने कहा कि वह विधायक हैं, उनका प्रोटोकाल है कि वे कहीं रहें डीएम को मौजूद होना चाहिए। किसी ने एक फोन करके भी नहीं पूछा कि धामी जी आप कैसे हैं।
महिला को मिली अस्पताल से छुट्टी
मंगलवार की देर रात एसटीएच में भर्ती कराई गई महिला दीपा धामी का ऑपरेशन किया गया था। एसटीएच के एमएस डॉ. एके पांडे ने बताया कि दीपा का छोटा ऑपरेशन हुआ था और उसका स्वास्थ्य ठीक था। बुधवार को परीक्षण करने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
जांच को गठित होगी कमेटी
मंगलवार देर रात विधायक के साथ हुई अभद्रता और विधायक की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी। एसडीएम एपी बाजपेयी ने बताया कि राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य को पत्र लिखा गया है कि जांच कमेटी में बेस अस्पताल, महिला अस्पताल से एक-एक प्रतिनिधि रखा जाए। जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर देगी।