दुराचार के मामले में सात साल की सजा
अल्मोड़ा। नाबालिग से दुराचार के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने जिले के ग्राम बडयूड़ा थाना लमगड़ा निवासी रोशन कुमार को सात साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
15 नवंबर 2016 को रोशन कुमार ने फोन कर नाबालिग को रुद्रपुर बस स्टेशन आने को कहा। इसी दिन नाबालिग बालिका अपनी बहन को साथ लेकर भारतीय स्टेट बैंक बाड़ेछीना में पैसे निकालने आई थी। उसने अपने खाते से आठ हजार रुपये निकाले। इसके बाद दोनों बहनें पेटशाल तक आईं। पेटशाल में नाबालिग ने अपनी बहन से कहा कि वह सामान लेकर घर को जाए। इसके बाद वह अल्मोड़ा होते हुए हल्द्वानी पहुंची। हल्द्वानी से बस से रुद्रपुर चली गई। रुद्रपुर बस स्टेशन पर उसे रोशन कुमार मिला। वह बहला फुसलाकर नाबालिग को दिल्ली ले गया। दिल्ली में वह नाबालिग को गुड़गांव सेक्टर 38 इस्लामपुर में अपने किराए के कमरे में ले गया। वहां उसने उसके साथ जबरन दुराचार किया। 19 नवंबर 2016 को पुलिस टीम और पीड़िता के पिता ने आरोपी रोशन कुमार और नाबालिग को गुड़गांव सेक्टर 38 इस्लामपुर से बरामद किया।
इस घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को दी। बाद में यह ममला रेगुलर पुलिस को स्थानांतरित हो गया। विवेचनाधिकारी ने आरोपी रोशन कुमार के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुआ। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र फुलारा ने 14 गवाह न्यायालय में पेश किए। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी शेखर चंद्र नैलवाल ने भी प्रभावी पैरवी की। निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग दिया। विशेष सत्र न्यायाधीश ने दस्तावेजी साक्ष्य की जांच कर आरोपी रोशन कुमार को धारा 3/4 पॉक्सो अधिनियम में दोषी पाया और सजा सुनाई।