भाजपा की प्रांतीय परिषद की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पूरी तरह से साफ कर दिया कि 2017 के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव के लिए कहीं कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। पार्टी कार्यकर्ताओं को उन्होंने इशारों ही इशारों में यह भी जता दिया कि इसके लिए भीतर-बाहर के झगड़े का भी कोई मतलब नहीं।
2017 में भाजपा उसी पर दांव खेलेगी जो जीत का घोड़ा साबित होगा। शाह ने यह भी साफ कर दिया कि भाजपा की निगाह 2019 के लोक सभा चुनाव पर है और इस चुनाव में जीत की राह इन्हीं दो राज्यों से होकर गुजरती है। यहां नहीं जीतते हैं तो किसी जीत का महत्व नहीं रह जाता है।
रविवार को हल्द्वानी की व्यस्त नैनीताल रोड पर स्थित एक विवाह स्थल में आयोजित प्रांतीय बैठक में शाह ठीक 11 बजे पहुुंचे। अजय भट्ट को प्रदेश अध्यक्ष के रूप में स्वीकार किये जाने की औपचारिकता पूरी होने के बाद शाह बोलने के लिए उठे तो पूरे एक घंटे तक धारा प्रवाह में बोले। शाह ने कहा कि भाजपा चुनाव में जाती है तो राजनीतिक मुद्दों, विपक्ष की कमजोरी, समाचार पत्रों के समर्थन से नहीं जीतती, बल्कि जीत कार्यकर्ताओं के समर्पण से होती है। कार्यकर्ता संकल्प लें कि 2017 के चुनाव में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कमल की सरकार बनाएंगे।
शाह ने यह स्वीकार किया कि दिल्ली और बिहार में पार्टी का प्रदर्शन सही नहीं रहा। उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव को संदेश देने के लिए यह जरूरी है कि पार्टी उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जीत का परचम लहराए। उत्तराखंड की प्रदेश सरकार पर शाह ने भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे होने का आरोप जड़ा और कहा कि उत्तराखंड में ऐसी सरकार होनी चाहिये जो प्रदेश का विकास करे।
बातों ही बातों में शाह ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की 2017 की चुनावी रणनीति और जीत के मूलमंत्र से भी अवगत करा दिया।
शाह ने कहा कि प्रांतीय कार्यकारिणी करीब 2000 की है। इसमें 2000 और जुड़ भी जाते हैं तो फर्क क्या पड़ता है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनना जरूरी है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुये पूर्व विधायकों पर पार्टी के रुख को लेकर शाह ने तस्वीर साफ की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता इन्हें अपनाने में संकोच न करें। इन विधायकों ने भ्रष्टाचार का साथ न देने के लिए भाजपा का दामन थामा है। इस बीच शाह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि कांग्रेस ने पॉलिसी पैरालिसिस (नीतिगत फैसले करने में अक्षम) प्रधानमंत्री दिया और भाजपा ने निर्णायक प्रधानमंत्री दिया।
प्रांतीय परिषद की बैठक में निवर्तमान अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने अजय भट्ट को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव सदन में रखा। इस प्रस्ताव का अनुमोदन करते हुये तीरथ ने अध्यक्ष पद पर बिताये गये तीन साल में अर्जित उपलब्धियों का जिक्र किया। वर्तमान अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि भाजपा को संकेत मिल गया है। 2017 का चुनाव भाजपा जीतेगी।
यह नारे दिये गए
- अगली बार, भाजपा सरकार (राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह)
- न भय न भ्रष्टाचार अबकी बार भाजपा सरकार( प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट)