हल्द्वानी। परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक से अंतरराज्यीय बस अड्डे पर छाया कुहासा और गहरा गया है। बैठक में मुक्त विश्वविद्यालय के पास की जमीन पर ही सहमति बनने की बात सामने आई है। हालांकि अभी इस बात को जाहिर करने से बचा जा रहा है।
गौलापार में बन रहे बस अड्डे के निर्माण कार्य को भाजपा सरकार ने बाकायदा मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव लाकर रुकवा दिया था। बैठक में निर्माण कार्य रोकने का कोई तर्क नहीं दिया गया लेकि न अंदरखाने कहा जाता रहा कि बस अड्डे की जमीन पवित्र नहीं है। कहा गया कि तीन माह में नए बस अड्डे के लिए जमीन चिह्नित कर ली जाएगी। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश धरने पर बैठी तो भाजपा नेताओं ने मुक्त विश्वविद्यालय के पास खाली पड़ी वन विभाग की जमीन चिह्नित होने का दावा कर जश्न मनाया था। मामला उछला तो मुख्यमंत्री ने तीन दिन में आईएसबीटी की जमीन खोजने का दावा किया था। इसके लिए कमेटी बनाकर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया था। कमेटी अध्यक्ष बीके संत निरीक्षण के बाद शासन को रिपोर्ट भी सौंपी थी। इसके बाद से ही मामला ठंडे बस्ते में हैं।
बृहस्पतिवार को परिवहन मंत्री यशपाल आर्य की मौजूदगी में हुई कमेटी की बैठक में आईएसबीटी के लिए मुक्त विश्वविद्यालय के पास वन विभाग की जमीन को उपयुक्त माना गया। सूत्रों की मानें तो परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने भी सहमति दे दी है। अब ये फाइल मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी। हालांकि आधिकारिक रूप से यह जाहिर करने से बचा जा रहा है। बैठक में ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे से लेकर तीन पानी तक सड़क को टू लेन करने, नहर कवरिंग करने और जमीन अधिग्रहण में आने वाले खर्च का ब्योरा इक ट्ठा करने को भी कहा गया।