हल्द्वानी। उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड की ओर से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में नए चाय बागानों की स्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के चलते ओखलकांडा ब्लाक के हरीशताल और डालकन्या क्षेत्र से लिए गए मिट्टी के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। दोनों गांवों से अभी और मिट्टी के नमूने लिए जा रहे हैं।
पहले ओखलकांडा ब्लाक के डूंगरी गांव में चाय बागान की स्थापना की जा रही थी। इस गांव की मिट्टी भी जांच में उपयुक्त पाई गई थी लेकिन बाद में इस गांव में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध न होने के कारण मामला खटाई में पड़ गया। उसके बाद बोर्ड ने हरीशताल और डालकन्या क्षेत्र में मिट्टी की जांच के लिए नमूने लेने शुरू किए। श्यामखेत स्थित चाय बागान के प्रभारी नवीन चंद्र पांडे ने बताया कि दोनों गांवों से मिट्टी के 50 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि यदि जांच में मिट्टी चाय बागान के लिए उपयुक्त पाई जाती है तो क्षेत्र में चाय बागान की स्थापना की जाएगी। हरीशताल और डालकन्या क्षेत्र में सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध है।