हल्द्वानी। इस बार नए बनाए गए दो वार्ड 25 और 26 में कांग्रेस का सियासी संग्राम रोचक होने की उम्मीद है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के लिए खास इन दोनों वार्डों में कांग्रेस को टिकट वितरण में ही पसीना बहना होगा क्योंकि पिछले चुनाव के बाद समीकरण बदल गए हैं। कांग्रेस के दोनों गुटों ने अभी से दावेदारी का मूड बना लिया है। एक ओर नेता प्रतिपक्ष के समर्थक चुनावी दांव-पेच में जुट गए हैं वहीं पार्षद समर्थित दूसरा गुट हर हाल में मैदान में दमखम दिखाने का दावा कर रहा है। भले ही पार्टी का सिंबल मिले या नहीं।
वार्ड 20 पहले लाइन नंबर 17 आजाद नगर था। पिछले चुनाव में यहां सीट महिला आरक्षित आई। अब इसे वार्ड 25 बनभूलपूरा लाइन लाइन 17 से 20 और वार्ड 26 नई बस्ती में तोड़ दिया गया है। अभी सीट का आरक्षण तय नहीं हुआ है मगर सियासत शुरू हो गई है। 2013 में इंदिरा हृदयेश के समर्थन से वार्ड 20 से कम्मो रानी ने चुनाव जीता था। उन्हें 1008 वोट मिले थे। उनके सामने कोई प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा पाया। भाजपा के सिंबल से चुनाव लड़ी शमा को सिर्फ 412 वोट मिले थे। विधानसभा चुनाव में पार्षद कम्मो रानी और उनके बेटे उवैश राजा ने यहां से इंदिरा हृदयेश के लिए वोट मांगे थे। विधानसभा चुनाव से छह महीने पहले पार्षद के बेटे उवैश राजा और इंदिरा हृदयेश के बीच चौकी इंचार्ज को हटाने को लेकर ठन गई थी। उवैश राजा ने बनभूलपुरा संघर्ष समिति बना कर अपने ही नेता का विरोध करना शुरू कर दिया था।
आमने-सामने
इंदिरा हृदयेश ने कैबिनेट मंत्री रहते मेरे वार्ड में कोई काम नहीं करवाया। बनभूलपुरा के लोगों की एकमात्र मांग थी कि जमीन का मालिकाना हक उन्हें मिले, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मैं पहले से निर्दलीय चुनाव लड़ती आई हूं। पार्टी से टिकट मिले या नहीं लेकिन इस बार भी एक वार्ड से चुनाव लड़ूंगी। कांग्रेस का एक गुट मुझे हराने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। - कम्मो रानी पार्षद
वार्ड में सफाई नहीं है। इंदिरा हृदयेश ने हमारे वार्ड में कई करोड़ के काम कराए हैं। पार्षद के बेटे ने इन कामों में ठेका लिया और गुणवत्ता विहीन काम कराया। जिन्हें इंदिरा जी ने लड़ाया वे ही आज उनके विरोधी हो गए। हमें जहां से मौका मिलेगा वहीं से लड़ेंगे - मो. खलील वारसी
इंदिरा हृदयेश ने वार्ड 25 और 26 में अंदरखाने अपनी टीम बनाना शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष दोनों वार्डों को किसी भी सूरत में हारना नहीं चाहती हैं। हम विकास के नाम पर वोट मांगेंगे। कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं का समर्थन है। दोनों वार्डों से हमारे ही प्रत्याशी जीत दर्ज करेंगे। - उवैश राजा
वार्ड में सीवर लाइन नहीं है। नालियों की सफाई छह-छह महीने में होती है। सफाई कर्मचारियों की भारी कमी है। हम इन सब मुद्दों को लेकर चुनाव में जाएंगे। - शमा
ये हैं वार्ड की मुख्य समस्या
नालियों की गंदगी
सीवर लाइन का न होना
नालियों में सीवर जाना
सड़कों की खराब हालत