हल्द्वानी। मिलों की ओर से खराब चावल नहीं बदलने पर संभागीय खाद्य नियंत्रक ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी गोदाम इंचार्ज से खराब चावल की मात्रा और खराब चावल लगाने वाले कर्मचारियों की सूची मांगी है। मिलों को पांच दिन का समय दिया है। ऐसा न करने पर चावल नीलाम करने के लिए निविदा आमंत्रित करने को कहा गया है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग की ओर से चावल मिलों को छूट देने के बाद भी मिलों की ओर से चावल नहीं बदला जा रहा है। इससे कुमाऊं और नैनीताल जिले की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। सोमवार को आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने मंडी और कमलुवागांजा गोदाम इंचार्ज से बदले जाने वाले चावल और खराब चावल लगाने वाले अधिकारी-कर्मचारी की सूची मांगी है। उन्होंने कहा कि घाटे की रिकवरी मिलों और खराब चावल लगाए गए अधिकारियों से की जाएगी। साथ ही मिलों को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।
खराब चावल बंटा तो कर्मचारी होंगे निलंबित
आरएफसी ललित मोहन रयाल ने सरकारी सस्ता गल्ला दुकानों में खराब चावल आने की शिकायत पर आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि खराब चावल की शिकायत मिलने पर इसकी जांच की जाएगी। जांच में चावल खराब पाया गया तो गोदाम इंचार्ज को निलंबित कर दिया जाएगा। साथ ही सस्ता गल्ला विक्रेता की दुकान भी निलंबित कर दी जाएगी।