रानीखेत (अल्मोड़ा)। महासंघ कुमाऊं मंडल टैक्सी यूनियन के महाधिवेशन में टैक्सी मालिक चालकों की समस्याओं के लिए हर संभव संघर्ष करने की सहमति बनी। वक्ताओं ने कहा कि टैक्सी मालिक, चालक प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हर साल करोड़ों रुपये टैक्स के रूप में सरकार को अदा किए जाते हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। अब इसके लिए यूनियनें महासंघ के बैनर तले संघर्ष करेंगी। इस दौरान महासंघ के लिए शंकर ठाकुर अध्यक्ष और जगदीश रौतेला महासचिव चुने गए।
महासंघ के अधिवेशन में कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों से टैक्सी यूनियनों के पदाधिकारी पहुंचे थे। इस दौरान महासंघ का विधिवत गठन हुआ। रानीखेत के शंकर ठाकुर अध्यक्ष, द्वाराहाट के जगदीश रौतेला (जग्गा) महासचिव, सोमेश्वर के दीवान सिंह राणा कोषाध्यक्ष चुने गए। अधिवेशन में वक्ताओं ने कहा कि राज्य बनने के बाद किसी भी सरकार की तरफ से टैक्सी मालिक चालकों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, जबकि हर साल साल सड़क टैक्स के रूप में ही 60 करोड़ रुपये का राजस्व जमा किया जाता है।
वक्ताओं ने टैक्सी मालिक चालकों का 10 लाख रुपये का बीमा करने, हर टैक्सी यूनियन में वाहन पार्किंग की सुविधा मुहैया कराने की मांग उठाई गई। संरक्षक छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी ने भी टैक्सी यूनियनों को सशक्त बनाने के लिए सरकार पर दबाव बनाने का आश्वासन दिया और एकजुट होकर संघर्ष करने की बात कही। महासंघ को फिलहाल 32 टैक्सी यूनियनों का समर्थन हासिल है। चुनाव पर्यवेक्षक परमानंद कांडपाल तथा चुनाव अधिकारी भुवन कुमार और मोहन चंद्र जोशी रहे।