केस 01 सीमा विस्तार : हाल ही में मेयर ने हरिपुर नायक और जयदेवपुर को नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव किया। इनदोनों प्रस्तावों के लिए मेयर ने खासी भागदौड़ की। जयदेवपुर के लिए तो बाकायदा ढाई घंटे की गोपनीय बैठक हुई। नगर निगम की सीमा में 33 गांव शामिल किए जा रहे हैं। जाहिर है कि इन नए गांवों के नगर निगम में शामिल होने से सियासी समीकरण भी बदल जाएगा।
केस 02 दुकानों की मरम्मत : दुकानों की मरम्मत के नाम पर कई दुकानदार पक्के निर्माण करवा रहे हैं। खुद मेयर कह रहे हैं कि इनसे 2000 रुपये का शुल्क लेकर अनुमति दी गई है। मेयर को यह भी पता है कि यह किसी भी तरह से निगम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। दुकानदार वर्ग को अपने पक्ष में करने के लिए मेयर इस मामले में आंखें मूंदे हुए नजर आ रहे हैं।
केस 03 दुकानों का किराया : मेयर की चुनाव तैयारी कुछ समय पहले ही दुकानों के किराए के मामले में सामने आ गई थी। कुछ समय पहले तक अपनी ही पार्टी का विरोध जताते हुए मेयर ने दुकानों का किराया कम करने से इनकार कर दिया था। तब मेयर ने कहा था कि इस्तीफा दे दूंगा पर किराया कम नहीं करूंगा। अब मेयर अपने इस ऐलान से पलट गए हैं।
हल्द्वानी। नगर निगम पर कब्जे के लिए भाजपा ने किलेबंदी शुरू कर दी है। इस मुहिम की कमान मेयर जोगेंद्र रौतेला के हाथ में है। वह अपनी तरफ से किसी भी राजनीतिक पैंतरेबाजी से परहेज नहीं कर रहे हैं। वोट बैंक का ही सबब है कि मेयर दुकानों के किराए के मामले में पलटने से नहीं हिचके। अब दुकानों की मरम्मत के मामले में भी मेयर ने आंखें मूंद लीं। इसी तरह भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों को नगर निगम की सीमा में शामिल करने में भी मेयर कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम के चुनाव कुछ महीने ही दूर हैं। ऐसे में भाजपा की कोशिश इस निगम पर कब्जा कर नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश को उनके ही गढ़ में मात देने की है। इस मुहिम की कमान वर्तमान मेयर जोगेंद्र रौतेला के हाथों में ही है। इस कमान को अपने हाथ में लेकर मेयर एक और फायदे में भी हैं। इससे रौतेला का निगम चुनाव में मेयर के पद दावा भी मजबूत हो रहा है। यह तय है कि आने वाले समय में रौतेला को मेयर पद के अपनी पार्टी के अन्य दावेदारों से भी चुनौती मिलेगी। जीत के लिए आधार तय करने में अपनी भूमिका निभाते हुए रौतेला दावेदारी में सामने आने वाली चुनौती से निपटने की तैयारी भी कर रहे हैं।
किलेबंदी करते हुए मेयर किसी भी तरह का परहेज नहीं कर रहे हैं। प्रदेश में भाजपा के सत्ता में होने का फायदा उठाते हुए मेयर ने नगर निगम के सीमा विस्तार को पार्टी हित से सीधे जोड़ दिया है। हरिपुर नायक और जयदेवपुर के दो प्रस्ताव इसकी पुष्टि कर रहे हैं। इसी तरह दुकानों की मरम्मत के नाम पर हो रहे खेल को भी मेयर चुनाव की मजबूरी के चलते अनदेखा किए हुए हैं।