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खजाना खाली मगर जुर्माना वसूलने की फिक्र नहीं

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अंकुर शर्मा (हल्द्वानी)। स्टोन क्रशर व्यवसायियों और भंडारणों पर पिछले वित्तीय सत्र 2016-17 का करोड़ों का जुर्माना राशि बकाया है। फिर भी सभी एक अक्तूबर से शुरू होने वाले खनन सत्र की तैयारियों में जुट गए हैं।
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खजाना खाली का रोना रोने वाले सरकारी तंत्र भी इस बकाए को वसूलने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अफसरों और खनन व्यवसायियों के गठजोड़ से सरकार को करोड़ों का चूना लग रहा है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में उप निदेशक खनन, जिला प्रशासन की टीम ने स्टोन क्रशर, भंडारण, पट्टा धारकों पर अवैध भंडारण की जांच की गई।
इस दौरान की गई छापामारी में टीम ने 93 खनन व्यवसायियों पर 54 करोड़ 2 लाख 43 हजार 760 रुपये का जुर्माना ठोका। एक साल बीतने के बाद भी यह जुर्माना वसूला नहीं जा सका है। सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो 93 में सिर्फ 36 जांचों को जिलाधिकारी और शासन के निर्देशानुसार निस्तारित किया गया।
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इनसे 23 लाख 74 हजार 450 रुपये वसूल हुए। वहीं सात व्यवसायियों ने सिर्फ 23 करोड़ 4 लाख 19 हजार 605 रुपये जुर्माना सरकारी खजाने में जमा किया। अभी भी 50 अवैध भंडारण की शिकायतें लटकी हुई हैं इनमें कुछ जिलाधिकारी कार्यालय में लंबित हैं तो कुछ शासन स्तर पर और कुछ जुर्माना जमा नहीं कर रहे हैं इसका खामियाजा सरकार को लाखों करोड़ों के नुकसान से उठाना पड़ रहा है।
इधर एक अक्तूबर से खनन सत्र शुरू होने वाला है फिर भी खनन, राजस्व, प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी चिंता नहीं है वहीं अगर एक किसान अगर ऋण जमा नहीं करे तो तत्काल आरसी काट दी जाती है और लाखों करोड़ों के बकाए वालों की शिकायतें एक साल से भी ज्यादा लंबित होना जिला प्रशासन पर भी सवालिया निशान है।
अवैध भंडारण पर जुर्माना के लंबित बकायेदार
संस्था का नाम जुर्माना राशि
उत्तराखंड स्टोन क्रशर 1,33,87,100
देवभूमि स्टोन 1,07,79,760
महालक्ष्मी स्टोन क्रशर 2,47,65,350
एलएससी इंफ्राटेक चोरगलिया 37,41,845
जगदंबा स्टोन क्रशर 54,47,610
वन विकास निगम लालकुआं 10,47,39,860
वन विकास निगम हल्द्वानी 2,67, 76,480
भारत स्टॉक रामनगर 52,19,520

लाखों का जुर्माना सिर्फ दो लाख में छूटा
जिला प्रशासन की मेहरबानी कहें या छापामारी टीम की जुर्माना ठोकने में जल्दबाजी, जिन स्टोन क्रशर भंडारणों पर लाखों करोड़ों जुर्माना लगाया गया जांच के बाद उनसे महज दो लाख ही जुर्माना वसूला जा सका। हालांकि इसके पीछे अधिकारियों का दावा है कि कागज पूरे होने पर ही जुर्माना कम किया जाता है। अवैध भंडारण पर उत्तराखंड स्टोन क्रशर पर 7,21,24,155 और पूरेवाल स्टोन क्रशर पर 1,56,39,410 रुपये का जुर्माना ठोका गया जो महज दो-दो लाख में छोड़ दिया गया। इसी तरह एलएससी इंफ्राटेक हाथीखाल पर 3,96,24000 का जुर्माना लगाया जिसे 80,84,800 रुपये में और महाबली स्टोन क्रशर पर 10,23,73,060 का जुर्माना ठोका और महज 15,74,450 जुर्माना लिया।
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