रानीखेत (अल्मोड़ा)। दुभणा गांव में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं का मामला तूल पकड़ गया है। गांव में हुई खुली बैठक में विकास समिति दुभणा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने 2009 से लेकर वर्तमान समय तक गांव में हुए विकास कार्यों का ब्यौरा मांग कर कहा कि अधिकांश कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं हैं।
कई योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। आरटीआई के तहत भी सही जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं। सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद ब्लॉक स्तर से जांच कराई जा रही है, लेकिन पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी जिला स्तरीय विभाग से कराई जाए।
खुली बैठक में प्रधान राम सिंह रावत के अलावा विकास समिति दुभणा से जुड़े प्रवासी लोगों ने भी शिरकत की। समिति का आरोप था कि 2009 से लेकर अब तक गांव में विकास कार्य नहीं हो रहे, योजनाएं धरातल पर नहीं हैं, जो भी कार्य हुए हैं, उनकी भारी वित्तीय अनियमितताएं हैं।
बीते 24 जून को समिति ने गांव के विकास कार्यों को लेकर बैठक की थी, जिसमें प्रधान ने स्वयं कहा था कि योजनाओं की जानकारी आरटीआई से मांग लें, लेकिन आरटीआई की जानकारियां भी सही नहीं हैं। समिति का कहना है कि उन्हें विकासखंड की जांच पर कोई भरोसा नहीं है, अलबत्ता किसी अन्य विभाग से जांच होनी जरूरी है। बैठक में समिति के अध्यक्ष दिगंबर रावत, त्रिभुवन चौधरी, भगवत रावत, शिवराज रावत, योगेश रावत, हेमंत सिंह रावत, डा. विजय रावत, सोमेंद्र सिंह बिष्ट, गिरीशर रावत, नीलम बिष्ट सहित तमाम ग्रामीण मौजूद थे।