भीमताल (नैनीताल)। पहाड़ के जंगलों में चीड़ के पेड़ों से गिरने वाले पिरूल से अब बिजली पैदा करने की तैयारी है। इसके लिए केंद्र, राज्य सरकार पहाड़ में 25 किलोवाट बिजली उत्पादन के लिए 25 लाख की लागत में 15 लाख रुपये की सब्सिडी दे रही है। राज्य सरकार ने वन विभाग, उरेडा को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। इसकी तैयारी के लिए सीडीओ विनीत कुमार ने शुक्रवार को वन विभाग, उरेडा के साथ उद्योगपतियों, वन पंचायत के सरपंचों के साथ बैठक की।
सीडीओ ने कहा कि इच्छुक लोग केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजना से सब्सिडी लेकर रोजगार शुरू कर सकते हैं। इससे अन्य लोगों को भी रोजगार दिलाया जा सकता है। जंगलों से इकट्ठा करके 1.50 रुपये किलो के हिसाब से पिरूल बेचा जा सकता है। पिरुल से बिजली पैदा करने के लिए 25 किलोवाट के लिए 25 लाख रुपये पर 15 लाख की सब्सिडी प्लांट लगाने के लिए लाभार्थी को दी जाएगी। लाभार्थी को 15 लाख की सब्सिडी मिलने के बाद 10 लाख की राशि प्लांट लगाने में खुद खर्च करनी होगी। लाभार्थी 10 किलोवाट से 250 किलोवाट का भी प्लांट लगा सकता है।
उद्योगपतियों, वन पंचायत के सरपंचों के साथ सीडीओ ने की बैठक
25 लाख रुपये की लागत में 15 लाख रुपये की मिलेगी सब्सिडी
ऐसे होगी पिरूल से बिजली का उत्पादन
उरेडा परियोजना अधिकारी संदीप भट्ट ने बताया कि पिरूल से बिजली पैदा करने के लिए प्लांट तैयार कर उसमें तकनीकी मशीनें लगाई जाएंगी। इसमें पिरूल को मशीन से काटकर बोल्वर में पूर्ण रुपये से जलाने के बाद गैस पैदा की जाएगी। गैस को ठंडे कूलर में डाला जाएगा। जनरेटर से इसे ग्रिड में डालकर बिजली बनेगी। इसमें प्रतिवर्ष 150 मेगावाट से अधिक बिजली बनाई जा सकती है। पिरूल को जंगल से हटाकर पर्यावरण को भी बचाया जा सकता है। कार्यशाला में एसडीओ वन विभाग दिनकर तिवारी, उद्योग अधिकारी, विद्युत अधिकारी, सरपंच आदि लोग मौजूद रहे।