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बीस अधिकारी-कर्मचारी और 85 चावल मिलें दोषी

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हल्द्वानी। कमलुवागांजा और मंडी में खराब चावल उतारने के मामले में करीब 20 अधिकारी-कर्मचारी और 85 मिलें दोषी पाई गई हैं। संभागीय खाद्य नियंत्रक की जांच रिपोर्ट में इनके खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है।
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शासन की ओर से कमलुवागांजा और मंडी में खराब चावल की जांच संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं ललित मोहन रयाल को सौंपी गई थी। दिसंबर पहले सप्ताह में रयाल ने जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। पुष्ट सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अलावा राज्य भंडार निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों को दोषी बताया गया है। इसमें चावल लगाने और भेजने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों और कर्मचारियों ने चावल मिलों के साथ मिलकर राजकीय धन का दुरुपयोग किया है। इससे जहां उपभोक्ताओं को घटिया और गुणवत्ता विहीन चावल मिला, वहीं विभाग और सरकार की छवि भी धूमिल हुई। साथ ही इससे विभाग को वित्तीय हानि भी हुई। दूसरी तरफ, एक लॉबी इस कोशिश में है कि इस जांच रिपोर्ट को किसी तरह से दबा लिया जाए। संभागीय खाद्य नियंत्रक ललित मोहन रयाल का कहना है कि जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। रिपोर्ट का खुलासा करने से उन्होंने इनकार कर दिया।
रिपोर्ट सीएम तक न पहुंचाने पर मुख्य सचिव ने खाद्य सचिव को फटकारा
हल्द्वानी। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट दिसंबर में तैयार कर शासन को भेज दी गई लेकिन 25 दिन से वहां धूल फांक रही है। सूत्रों की मानें तो मुख्य सचिव ने चार दिन पहले देहरादून में अधिकारियों की बैठक में जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंचने पर खाद्य सचिव को कड़ी फटकार भी लगाई है।
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