रानीखेत (अल्मोड़ा)। अम्याड़ी-कुणकोली मोटर मार्ग पर एक दशक बाद भी सोलिंग और डामर नहीं होने के कारण स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क चलने योग्य नहीं रहती। पूरा मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है, जबकि कई बार इस संबंध में विभाग को अवगत करा दिया गया है। लोनिवि निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता को सौंपे ज्ञापन में शीघ्र मार्ग की दशा नहीं सुधरने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
अम्याड़ी-कुणकोली मोटर मार्ग एक दशक पूर्व बन चुका है, लेकिन आज तक इसमें सोलिंग और डामर नहीं हुआ है। जिस कारण पूरे मार्ग की हालत दयनीय बनी हुई है। बीमार व्यक्ति को ग्रामीण बमुश्किल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश पंत का कहना है कि सड़क की हालत ठीक नहीं होने के कारण इस क्षेत्र से पलायन हो रहा है। इस सड़क से चलसिया, पड़ोली अम्याड़ी, कुणकोली, नौधर सहित जीआईसी रधुलीपीपल भी जुड़ा हुआ है। छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में भी दिक्कतें होती हैं। मार्ग की बदहाली के चलते यहां 108 एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती। बरसात के मौस में मार्ग चलने योग्य नहीं रहता है। इधर अब ग्रामीणों ने इस सड़क के लिए संघर्ष करने का मन बना लिया है। ग्रामीणों ने बुधवार को यहां लोनिवि निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता से मुलाकात कर मार्ग के हालातों से अवगत कराया। कहा कि शीघ्र मार्ग में डामरीकरण नहीं किया गया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में सरपंच रेखा पंत, पूरन सिंह, कुंदन सिंह, राम सिंह, पदी राम, अनोप सिंह, गणेश कुमार, नंद किशोर, प्रेम रामजीवन सिंह नेगी, लक्ष्मण राम सहित तमाम लोग मौजूद थे।