भीमताल (नैनीताल)। भारत सरकार ने नैनीताल जिले को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए चुना है। ताकि जिले में फल, सब्जियों के बेहतर उत्पादन से किसान, उद्योगपति सूक्ष्म, लघु उद्योग खोल सकें। इसके तहत मंगलवार को कृषि विभाग, उद्यान विभाग की ओर से यहां किसानों, उद्यमियों के लिए उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण कार्यशाला आयोजित की गई लेकिन इसमें बहुत कम किसान, उद्यमी पहुंचे। इससे कृषि, उद्यान विभाग के अधिकारियों के चेहरों में मायूसी छा गई। इसके बाद कृषि, उद्यान विभाग के अधिकारियों को फोन कर किसानों, उद्यमियों को बुलाना पड़ा। पूर्वाह्न 11:30 बजे कुछ किसानों के आने पर ही विभागीय अधिकारियों के चेहरों पर रौनक देखने को मिली।
डीएचओ भावना जोशी ने बताया कि किसान, उद्योगपति फलों, सब्जियों का सूक्ष्म, लघु उद्योग खोलकर आय बढ़ा सकते हैं। इसमें विभाग से सब्सिडी देय है। जिला उद्योग केंद्र के प्रबंधक सुनील पंत ने कहा कि एमएसएमई योजना के तहत उद्योग लगाने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में 35 फीसदी, मैदानी क्षेत्रों में 30 प्रतिशत सब्सिडी देय है। लीड बैंक अधिकारी राहुल चौहान ने कहा कि जो किसान फल, सब्जियों से संबंधित उद्योग लगाना चाहेंगे, उन्हें बैंकों से कम ब्याज दर पर लोन मिल सकता है। किसान प्रेम कुल्याल, जीवंती ढैला ने कहा कि अगर जंगली जानवरों के आतंक से निजात मिल जाए तो किसान हर उद्योग खोलने को तैयार हैं। इस दौरान सीवीओ डॉ. एनएस भंडारी, धनपत कुमार, भाजपा नेता दिनेश सांगुड़ी, एसबीआई के शाखा प्रबंधक पंकज सिंह, पारस जैन आदि थे।
किसानों, उद्यमियों को फोन करके बुलाना पड़ा कार्यशाला में
खाद्य प्रसंस्करण कार्यशाला में नहीं दिखी किसानों, उद्यमियों में रुचि
किसानों, उद्यमियों को दी फल, सब्जियों पर आधारित उद्योग लगाने की सलाह