हल्द्वानी। कुमाऊं की पहली इलेक्ट्रिक बस का संचालन रविवार से शुरू हो गया। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, मेयर जोगेंद्र रौतेला, विधायक संजीव आर्य ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पहले दिन 60 सवारियों ने इलेक्ट्रिक बस का सफर किया। बस ने पहले दिन 3329 रुपये कमाए। अब बस प्रतिदिन नैनीताल के लिए संचालित होगी। रोडवेज अफसरों के अनुसार एक से डेढ़ महीने तक बस का संचालन ट्रायल के तौर पर किया जाएगा। इस बस में पैनिक बटन भी लगाया गया है।
परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि सामान्य बस को एक किलोमीटर चलाने पर 18 रुपये खर्च आता है, जबकि इलेक्ट्रिक बस के संचालन पर प्रति किमी छह रुपया खर्च होते हैं। इलेक्ट्रिक बस चलने से निगम की आय में वृद्धि होगी। प्रदूषण की समस्या भी दूर करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में परिवहन निगम के महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन, आरएम यशपाल सिंह, आरटीओ राजीव मेहरा, महेंद्र अधिकारी, शांति भट्ट सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बस की खूबी
पैनिक बटन : बसों में महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ की घटनाओं के मद्देनजर पैनिक बटन लगाया गया है। जो कि पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ा होगा। हालांकि अभी यह सुविधा बस में शुरू नहीं हुई है।
इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम : बस में जीपीएस की सुविधा है। इससे जरिए बस को कहीं से भी ट्रैक किया जा सकता है। बस में मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी दी गई है।
सीसीटीवी : सुरक्षा की दृष्टि से बस में सीसीटीवी लगाया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए स्लाइडिंग डोर लगा है, जिसका कंट्रोल चालक के पास होगा।
नियरेस्ट स्टाप रिक्वेस्ट : बस में यात्री उतरना चाहता है, तो बस में दरवाजे के पास लगे एनएसआर सिस्टम के तहत लगे बटन को दबा देगा। इसके बाद चालक बस को रोक देगा।
इलेक्ट्रिक डिस्प्ले : इलेक्ट्रिक डिस्प्ले होने से यात्रियों को रूट की जानकारी होगी। लो फ्लोर बस होने के कारण यात्रियों को चढ़ने-उतरने की सुविधा होगी।
कुमाऊं की पहली इलेक्ट्रिक बस को हरी झंडी
यशपाल आर्य ने नैनीताल के लिए किया रवाना
3329 रुपये कमाए बस ने पहले दिन, 60 सवारियों ने किया सफर
11:58 बजे हल्द्वानी से रवाना हुई, एक घंटा 45 मिनट में पहुंची नैनीताल
ये भी हैं खासियतें
बस महंगी मगर किराया सामान्य
नैनीताल। बस के परिचालक विजय कुमार ने बताया कि यह बस महंगी जरूर है, लेकिन इसका किराया सामान्य बसों की तरह ही है। इसमें 31 सीट हैं। विधायक, सांसद, मान्यता प्राप्त पत्रकारों को निशुल्क सेवा का लाभ मिलेगा।
तीन घंटे चार्ज करने पर 230 किमी का सफर
नैनीताल। हैदराबाद निवासी चालक श्रीनिवास ने बताया कि यह बस डीएनआर सिस्टम से चलती है। 240 हॉर्स पॉवर वाली यह बस पहाड़ी इलाकों में चलने के लिए उपयुक्त है। बिना गेयर की यह बस तीन घंटे चार्ज करने के बाद 230 किलोमीटर तक जा सकती है।
किसी ने छूकर देखा, किसी ने बैठकर
नैनीताल। इलेक्ट्रिक बस के नैनीताल पहुंचने पर उसे देखने वालों का तांता लग गया। फूल मालाओं से सजी बस पहुंची तो किसी ने उसे छू कर देखा तो किसी ने बैठ कर आनंद लिया। पहली बार इलेक्ट्रिक बस में सफर करने वाले यात्रियों ने सफर को आरामदायक और किफायती बताया।
इलेक्ट्रिक बस रविवार दोपहर 1:40 बजे नैनीताल पहुंची। बस तल्लीताल बस अड्डे पर पहुंची तो देखने के लिए भीड़ लग गई। बस यात्री इंदिरा भट्ट ने बताया कि बस में आम बसों की अपेक्षा झटके कम लगते हैं। इसका सफर आरामदायक है। मोहम्मद इरफान ने बताया कि इस बस में ज्यादा शोर शराबा नहीं होता है क्योंकि बस में इंजन नहीं है। लाल सिंह कार्की ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों के लिए यह बस बेहतर है। अपूर्व शर्मा ने कहा कि बस इसका संचालन बंद नहीं होना चाहिए। मानस बोरा का कहना था कि सरकार ने अच्छी पहल की है। पर्वतीय क्षेत्रों को इस तरह की बसों की जरूरत है।
नैनीताल में देखने वालों का तांता, यात्रियों ने कहा-आरामदायक है बस का सफर
चालकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
नैनीताल। बस के साथ आए जूनियर इंजीनियर गोपी कृष्ण ने बताया कि इस बस को चलाना उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों से अलग है इसलिए इस पहले संबंधित चालकों को प्रशिक्षण लेना होगा। 15 दिन के प्रशिक्षण के बाद निगम के चालक आसानी से इस बस को चला सकेंगे।