हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल अब फिजीशियन विहीन हो गया है। फिजीशियन न होने के कारण मरीजों की दिनभर भीड़ लगी रही।
बेस अस्पताल में डॉ. अमित रौतेला फिजीशियन के पद पर कार्यरत थे। पिछले सप्ताह उनका तबादला पौड़ी हो गया था। सूत्रों की मानें तो डॉ. रौतेला ने पौड़ी जाने की इच्छा जताई थी। बेस अस्पताल में पांच सौ से छह सौ मरीज फिजीशियन को दिखाने आते हैं। बृहस्पतिवार को फिजीशियन के कमरे के दरवाजे पर स्लिप लगी थी कि फिजीशियन नहीं है। मरीज अपना पर्चा बनवाकर डॉक्टर को दिखाने पहुंचे थे मगर उन्हें लौटना पड़ा। बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसबी ओली ने बताया कि डॉ. रौतेला को बृहस्पतिवार को रिलीव कर दिया गया।
आज रिलीव किए गए डॉ. रौतेला, निराश लौटे मरीज
प्रतिदिन 500 से 600 मरीज आते हैं
अल्मोड़ा या टिहरी से आएंगे दूसरे फिजीशियन
हल्द्वानी। अल्मोड़ा या टिहरी से सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल हल्द्वानी में नए फिजीशियन आ सकते हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत ने बताया कि 23 सितंबर को मुख्यमंत्री अटल आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ करने पौड़ी जा रहे हैं। पौड़ी में डॉ. अमित रौतेला को लेकर आंदोलन चल रहा था। इसके चलते उन्हें आज रिलीव किया गया। बताया कि अल्मोड़ा से डॉ. पीएस टाकुली को वापस भेज जा सकता है या टिहरी अस्पताल पीपीपी मोड पर जा रहा है। टिहरी सरकारी अस्पताल में तैनात फिजीशियन भी बेस अस्पताल आ सकते हैं।
जापानी इंसेफेलाइटिस के दो और मरीज मिले
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में जापानी इंसेफेलाइटिस के दो मरीज भर्ती कराए गए हैं। खून, रीढ़ की हड्डी से लिए गए पानी की जांच के बाद जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई। लाल सिंह (50) निवासी रामनगर, रोशनी (06) निवासी गदरपुर को भर्ती कराया गया है, जबकि बेस अस्पताल में डायरिया के 14, बुखार के 29, मलेरिया के 10 रोगी भर्ती कराए गए।